Isaac Newton Biography In Hindi – आइजक न्यूटन की जीवनी

नमस्कार मित्रो आज के हमारे आर्टिकल में आपका स्वागत है आज हम  isaac newton biography and contribution में एक महान साइंटिस्ट एव गणितज्ञ सर आइजक न्यूटन का जीवन परिचय बताने वाले है। 

वह एक ज्योतिष दार्शनिक भी थे उन्होंने गति के सिद्धांत और गुरुत्वाकर्षण बल के सिद्धान्त के नियम आदि की शोध की थी। आज what did isaac newton discover ? ,isaac newton gravity और isaac newton quotes की जानकारी देने वाले है। एक किसान का बेटे से विश्व के महान साइंटिस्ट एव गणितज्ञ बनने तक न्यूटन की कहानी बहुत रस भरी और रोचक है। 

सर आइज़क न्यूटन की खोज मानव जीवन के लिए एक बेहतरीन योगदान साबित हुआ है , न्यूटन के गति नियम से पृथ्वी सूर्य के आसपास गोल परिक्रमा करती है उसका पता चल सका है। उनके महान विचारो के फल स्वरूप आइज़क न्यूटन आविष्कार पुरे विस्व में बहुत प्रचलित है। isaac newton family में उनके पिताजी से पहले ही मर चुके थे  तो चलिए शुरू करते है उनसे जुडी कई साडी जानकारी स ेआपको ज्ञात करवाते है। 

Isaac Newton Biography In Hindi –

  नाम    आइजैक न्यूटन
  जन्म   14 जनवरी 1643
  जन्मस्थान   इंग्लैंड के लिंकनशायर के वूलस्टोर्प में
  पिता   सर आइजक न्यूटन
  माता   हन्ना ऐस्क्फ़ 
  मृत्यु   31 मार्च 1727
  मृत्यु स्थान

 जर्मनी

आइजक न्यूटन की जीवनी –

ऐसा एक दिन था आइजैक न्यूटन सेफ के पेड़ के नीचे बैठे थे और अचानक सेफ के पेड़ ऊपर से एक सेब गिरा तभी न्यूटन के मन में विचार आया की सेफ निचे क्यू गिरा,वो सेफ ऊपर क्यों नहीं गया। वह काफी समय तक से सेफ के पेड़ के निचे बैठकर यही सोच रहे थे। बहुत देर तक सोचने और विचारने के बाद उन्होंने प्रयोग करके पता लगाया कि जो चीज ऊपर है वह नीचे आएगी। जब भी गुरुत्वाकर्षण बल रहेगा तब तक वह चीज नीचे ही गिरे गा |तब गुरुत्वाकर्षण बल खत्म हो जाएगा तो वो चीज वही तैरने लगेगी। इस प्रकार न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के नियम की खोज की थी।

इसके बारे में भी जानिए :- भगवती चरण वोहरा की जीवनी

Isaac Newton childhood (आइजैक न्यूटन का बचपन)

आइजैक न्यूटन के पिता की मृत्यु उनके जन्म लेने के दो महीने पहले ही हो चुकी थी , जब वो सिर्फ 3 वर्ष के थे तब आइजैक न्यूटन की माँ ने दूसरी बार शादी कर ली थी और तब उनको छोड़ के चली गयी थी ,उसके बाद उनकी देख रेख उनकी दादी ने की थी, न्यूटन के सौतेले पिता की जब मृत्यु हो गयी, तब उनकी माँ वूल्स्थोर्पे लौट आई और उन्होंने पारिवारिक खेती में न्यूटन को मदद करने के लिए कहा, लेकिन न्यूटन को खेती की अपेक्षा पढना पसंद था। 

Isaac Newton Education (आइजैक न्यूटन की शिक्षा)

आइजैक न्यूटन की बचपन की पढाई अपने गाँव में ही हुई थी , जब वो 12 साल के हुए तब वे इंग्लैंड के ग्रंथम में किंग पाठशाला में पढने के लिए चले गए।  वहाँ वे फार्मासिस्ट के घर में रहते थे जिसका नाम क्लार्क था. न्यूटन को क्लार्क की रासायनिक पुस्तकालय और प्रयोगशाला बहुत पसंद थी। उन्होंने क्लार्क की बेटी का मनोरंजन करने के लिए यांत्रिक उपकरणों का निर्माण किया था, जिसमे शामिल था एक लाईव माउस, फ्लोटिंग लालटेन और सन डायल्स द्वारा चलने वाली पवन चक्की का समावेश हुआ करता था। 

आइजैक न्यूटन19 वर्ष की अवस्था में उन्होंने इंग्लैण्ड के ट्रिनिटी कॉलेज में प्रवेश करके 1665 में स्नातक की डिग्री प्राप्त की थी , वे मास्टर डिग्री भी प्राप्त करना चाहते थे, लेकिन प्लेग बीमारी की होने से उन्हें वूल्स्थोर्पे वापस जाना पड़ा था।जहाँ पर वे 1666 से 1667 तक रहे. जहा पे वे उनके बुनियादी प्रयोगों का उपयोग करते रहे, साथ ही गुरुत्वाकर्षण बण के बारे में और प्रकाश के अध्ययन के बारे अपनी सोच पर काम करते रहे। 

कैम्ब्रिज से लौट कर उन्होंने अपनी मास्टर डिग्री को पूरा किया और उसके बाद अपनी खोज को विस्तृत करने में लग गए. उसके गणित के टीचर उनसे बहुत प्रभावित थे, 1669 में उनके टीचर ने किसी और नौकरी के लिए अपने पद से इस्तीफा दे दिया और इसने कहा की न्यूटन को अपनी जगह लेने को कहा, जिसके बाद न्यूटन गणित के प्रोफेसर बन गए। 

आइजैक न्यूटन का करियर – 

आइज़क न्यूटन वो अपने गणित के अध्यापक को बहुत प्यारे थे। न्यूटन जब इस कॉलेज से मास्टर की डिग्री प्राप्त कर रहे थे इसी कॉलेज के प्रोफेसर ने दूजी जॉब के लिए प्रोफेसर के पद से निकाल दिया इसके बाद इनके गणित के अध्यापक ने न्यूटन को उस पद को सभाल ने को कहा था। न्यूटन ने उनकी बात को इनकार नहीं किया और वे गणित के प्रोफेसर बन गए। न्यूटन अपने प्रयोगों को बहोत आगे तक ले जाने के लिए और ज्यादा शोध करने के लिए प्रयत्न करने लगे और न्यूटन ने जो खोज ऐसा कहाजाता है की उन्होंने कई लाजवाब और बेहतरी संशोधन किये हुए है। 

इसके बारे में भी जानिए :-समुद्र्गुप्त की जीवनी

गति के नियम में प्रयोग – 

  • 1.नियम था “जड़त्व का नियम” ये नियम के अनुसार एक चिज़ तक स्थिर बनी रहेगी जब भी उस पर कोई भार ना लगाया जाए और एक चीज तब तक गति में रहेगी जब तक इस पर कोई शक्ति ना लगाया जाए।
  • 2.नियम है “संवेग का नियम” वे पालन के अनुसार वस्तु के संवेग में परिवर्तन की दर वहा पर लगाए गये शक्ति के अनुक्रमानुपाती तथा संवेग परिवर्तन आरोपित बल की दिशा में होता है।
  • 3.नियम है “क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम” ये नियम के में जब किसी चीज़ पर कोई ताकत लगाया जाता है तो चिज़ भी उतना ही बल उस बल के विपरीत दिशा में लगाती है।

क्या आइजैक न्यूटन का सेब का पेड़ अभी भी जीवित है –

जगत के महान साइंटिस्ट सर आइजैक न्यूटन का सेब का वृक्ष आपको भारत में देख सकते हो इसने उन्हें गुरुत्वाकर्षण का नियम शोध के लिए प्रेरित किया। आज से करीब 350 साल पहले उस सेब के वृक्ष से गिरे फल को देखकर ही न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत और गति की शोध की थी। इस वृक्ष का वंशज भारत में आप देख सकते हो ये पेड़ देश में नई पीढ़ी के साइंटिस्ट को चुना गया है। 

पुणे में इंटर विद्यापीठ केन्द्र फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स (IUCAA) विदेशक सोमक रायचौधरी के अनुसार, स्थरांतर के प्रांगण में यह मामले में एक महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। इसके तहत IUCAA कंपाउंड में न्यूटन ट्री की कलम को भारतीय सेब के वृक्ष पर उगाने की तुलना की जा रही है. न्यूटन के इस वृक्ष के क्लोन दुनिया के कई और देशों में इसी तकनीक के सहारे पहुंच चुके हैं। 

इंग्लैड के लिंकनशायर में लोगों ने न्यूटन के घर के गार्डन में ऐसे ही वृक्ष उगाने की मेहनत की थी , ऐसी मेहनत 1977 में भारतीय साइंटिस्ट जयंत नार्लीकर ने यहां की थी. अब IUCAA द्वारा मेहनत की जा रही है। हालांकि की नार्लीकर को न्यूटन के सेब के वृक्ष की बजाय बरगद के पेड़ को कार्य के लिए आदेश किया। ई.स 1997 और 2007 के बीच न्यूटन के ‘एप्पल ट्री’ को विकास करने के लिए तीन प्रयास किए गए। रायचौधरी ने बताया कि वह पेड़ 2007 के आखिर में खत्म हो गया था। 

आइजैक न्यूटन की सफलता – 

अगस्त 1684 में, हैली न्यूटन के साथ कैम्ब्रिज गए,वो उनके अलगाव से बाहर आ रहे थे। हैली ने जान बुच के से उनको कहा कि सूर्य के आकर्षण से सूर्य के आकर्षण के बीच (हुक के सिद्धांत) के बीच की दूरी के बाद एक ग्रह की कक्षा किस आकार में आती है। पिछले 6 सालों से अपने काम के कारण से न्यूटन को आंसर मालूम था, और आंसर दे दिया “एक अंडाकार” हैली ने उनको गणितीय सवरूप से समस्या का करने के लिए राजी किया। और सभी लागतों का भुगतान करने की पेशकश की ताकि सोच ने को प्रकाशित किया जा सके, जो न्यूटन के प्रिंसिपिया में था।

1687को प्रिंसिपिया के संस्कर के प्रकाशन पर, रॉबर्ट हुक ने जल्दी न्यूटन पर रॉबरी का इंतजाम लगाया और वादा कहा कि उसने व्युत्क्रम वर्गों के सिद्धांत की शोध की है और न्यूटन ने उनका काम चुरा लिया है। न्यूटन, बोहोत गुस्से में थे और दृढ़ता से खुद खोजों का बचाव किया। हैली,उन्होंने न्यूटन के काम मे बहुत शांत किया था, दो पुरुषों के बीच शांति बनाने की कोशिश की। प्रिंसिपिया के ई.स1687 में सब के सामने किया गया था। न्यूटन की प्रतिष्ठा और प्रसिद्धि बढ़ने के बाद, हुक का नाश हुआ, जिससे वह अपने प्रतिद्वंद्वी की ओर और भी कड़वा और घृणित हो गया।

इसके बारे में भी जानिए :-दुर्गाबाई देशमुख की जीवनी

आइजैक न्यूटन ने भौतिकी का पिता क्यों कहा जाता है – 

अपनी इस किताब में न्यूटन ने गुरुत्व और गति के 3 नियम का शोध किया जिसने अगली तीन के लिये भौतिक सौर मॉडल के साइटिस दृष्टिकोण पर अपना परिचय स्थापित कर दिखया।  न्यूटन ने बताए की सृष्टि पर चीज़ की गति और आकाशीय पिंडो की गति का नियंत्रण प्राकृतिक नियमो के समान समुच्चय के द्वारा होता है। व्यक्ति केवल उन्हें ज़डपी वेग केपलर के पालन तथा खुद गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत के बीच स्थापित की. इस प्रकार से सूर्य केन्द्रीयता और साइटिस क्रांति के आधुनि के बारे में पिछले संदेह को दूर किया। 

Isaac Newton ने यांत्रिकी में वेग यातो कोणीय वेग दोनों के संरक्षण के सिद्धांतों को विकसाया किया. प्रकाश में, उसने पहले व्यवहारिक परावर्ती बनाया। इस सहारे पर रंग का सिद्धांत विकास किया कि एक प्रिज्म श्वेत प्रकाश को कई रंगों में अपघटित कर देता है जो दृश्य स्पेक्ट्रम बनाते हैं। उसने शीतलन का पालन किया और ध्वनि की गति का में खोज किया. गणित में, अवकलन और सरखी के विकास का श्रेय गोटफ्राइड लीबनीज के पास न्यूटन खो जाता है। साइंटिस्ट के आमने सामने न्यूटन की स्थिर बहुत शीर्ष पद पर है, पर ब्रिटेन की रॉयल सोसाइटी में 2005 में हुए साइंटिस्ट के एक सर्वेक्षण के द्वारा सामने आता है। 

इतिहास पर प्रभाव –

विज्ञान के इतिहास पर किसका प्रभाव अधिक गहरा है, न्यूटन का या एल्बर्ट आइंस्टीन का. इस सर्वेक्षण में न्यूटन को खूब प्रभावी पाया गया. न्यूटन धार्मिक भी थे।  हालाँकि वे एक वंश से ईसाई थे, न्यूटन एक प्राकृतिक विज्ञान, जिसके लिए उन्हें आज याद किया जाता है,न्यूटन की तुलना में बाइबिल हेर्मेनेयुटिक्स पर अधिक लिखा है। इसके बाद में न्यूटन रॉयल सोसाइटी के अध्यक्ष भी रहे। न्यूटन ने ब्रिटिश सरकार की वार्डन और मास्टर ऑफ़ द रॉयल मिंट बनकर सेवा की।

न्यूटन जैसे महान साइंटिस्ट का जीवन हमें बताता है न्यूटन की कमजोर शुरुवात और दुनिया भर के विरोध के बावजूद धुन का पक्का व्यक्ति कुछ भी कर गुजर सकता है। हमें उनके जैसे पेरणा लेनी चाइये और ज़िंदगी में कही तरह की मुश्किलों आती है लेकिन हमें बिना डरे निरंतर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहना चाहिये और एक दिन अपने सपनो को साकार करना चाहिये। 

आइज़क न्यूटन की विधि – 

एक सेट को हल करने के लिए एक अनुमान तकनीक है ,अज्ञात के बराबर संख्या के साथ विभिन्न nonlinear समीकरण। न्यूटन रैपसन विधि का इस्तमाल कर लोड प्रवाह के लिए समाधान के दो इस्तमाल हैं ,1 विधि चर के लिए आविष्कार निर्देशांक का इस्तमाल करती है जबकि 2 विधि ध्रुवीय सामान्य रूप का इस्तमाल करती है। इन दो विधियों में से ध्रुवीय समन्वय रूप का पर्याप्त रूप से इस्तमाल किया जाता है।

आइज़क न्यूटन रैपसन विधि की प्रक्रिया – 

यह वॉल्टेज का सरुआत मूल्य मान लें | Vi 0 और सामान्य विभाग कोण δi0 i = 2, 3,… .. के लिए काफी वजन बसों के लिए और पीवी बसों के लिए विभाग कोण आम तौर पर हम मान लिया गया बस वोल्टेज परिमाण और इसके चरण कोण को सुस्त बस मात्रा के बराबर सेट करते हैं। 

  • = 1.0, δ1 = 0 =।

गणना पीमैं और क्यूमैं निम्नलिखित समीकरण (5) और (6) से प्रत्येक लोड बस के लिए ऊपर दिखाया गया है। पीवी बसों के लिए, क्यूई का मूल्य नहीं है ,निर्दिष्ट है, लेकिन इसी सीमा ज्ञात है। यदि क्यूई की गणना मूल्य सीमा के भीतर है तो केवल isPi की गणना की जाती है। यदि क्यूई की गणना मूल्य सीमा से परे है, तो एक ऊपर सीमा लगाई जाती है और क्यू की गणना ऊपर सीमा से क्यूई की गणना मूल्य घटाकर भी की जाती है। विचाराधीन बस को अब वजन बस माना जाता है।

आइज़क न्यूटन रैपसन विधि के लाभ –

वह द्विघात अभिसरण महत्व के पास है। इसलिए, अभिसरण बहुत तेज है पुनरावृत्तियों की संख्या प्रणाली के आकार से आज़ाद है। उच्च सटीकता का समाधान छोटे और बड़े दोनों प्रणालियों के लिए दो से तीन पुनरावृत्तियों में लगभग हमेशा प्राप्त होता है। न्यूटन रैपसन विधि अभिसरण सुस्त बस की पसंद के प्रति संवेदनशील नहीं है सभी मिलावट , गणना समय में सेव होती है क्योंकि कम संख्या में पुनरावृत्तियों की आवश्यकता होती है।

आइज़क न्यूटन रैपसन विधि की सीमाएं – 

वह समाधान तकनीक भारी है जैकबियन के तत्वों को प्रत्येक पुनरावृत्ति के लिए गणना करने में अधिक समय लगता है। कंप्यूटर मेमोरी की आवश्यकता बड़ी है।

Isaac Newton Book (आइसाक न्यूटन की पुस्तक)

वह पुस्तक में न्यूटन की संक्षिप्त जीवनी है, इस पुस्तक के लेखक हैं नंदिता दासइस पुस्तक का कुल साइज 1.4MB है | पुस्तक में कुल 24 पृष्ठ हैं अगर आपको पढ़ना है तो आप भी पढ़ सकते है। 

इसके बारे में भी जानिए :- शांति स्वरूप भटनागर की जीवनी

Isaac Newton’s death ( आइज़क न्यूटन की मृत्यु )

न्यूटन की मृत्यु 31 मार्च 1727 को , जर्मनी मे हुवा था | इन्हें वेस्टमिंस्टर एब्बे में समाया गया था। न्यूटन के एक भी बच्चे नही थे इनकी प्रॉपटी को इनके सगा सबधीने इनके प्रॉपटी को अपने नाम कर लिया ,न्यूटन की मृत्यु के इनके शरीर में काफी ज्यादा में पारा (mercury) पाया गया था जो शायद उसे रासायनिक कामो करने के वजे से थे। इज़क न्यूटन का स्मारक उन्हें के कब्र के ऊपर चना गया है और उसकी प्रतिमा पत्थर की है जिसको माइकल रिज्ब्रेक ने वाइट और धूसर संगमरमर में बनाया है और इसका डिजाइन शिल्पकारी विलियम कैंट द्वारा बनाया गया है।

उनका स्मारक दर्शाता है कि उनकी दाहिने कोहिनी इस महान किताबो पर है और उनका बाया हाथ एक गणितीय सूची की और इशारा कर रहा है। जोसेफ लुईस लाग्रेंज जो की एक फ्रेंच गणितज्ञ थे , वे शायद कहते थे की न्यूटन एक महान प्रतिभाशाली था और जोसेफ लुईस लाग्रेंज ने एक बारउन्हें भी कहा था कि न्यूटन साथ ही सबसे बड़ा भाग्यशाली भी था। अलेक्जेंडर पोप एक अंग्रेजी कवि थे इन्होंने न्यूटन की उपलब्धियों से प्रभावित होकर स्मृति लेख लिखा था। 

Isaac Newton Video –

Isaac Newton Facts –

  • आइजैक न्यूटन के पिता की मृत्यु उनके जन्म लेने के दो महीने पहले ही हो चुकी थी। 
  • न्यूटन ने गुरुत्व और गति के 3 नियम का शोध किया जिसने अगली तीन के लिये भौतिक सौर मॉडल के साइटिस दृष्टिकोण पर अपना परिचय स्थापित कर दिखया था। 
  • आज से करीब 350 साल पहले उस सेब के वृक्ष से गिरे फल को देखकर ही न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत और गति की शोध की थी। 
  • कॉलेज के प्रोफेसर ने दूजी जॉब के लिए प्रोफेसर के पद से निकाल दिया इसके बाद इनके गणित के अध्यापक ने न्यूटन को उस पद को सभाल ने को कहा था। 
  • वह सिर्फ 3 वर्ष के थे तब आइजैक न्यूटन की माँ ने दूसरी बार शादी करली थी और उनको छोड़ के चली गयी थी। 

इसके बारे में भी जानिए :- जयंत विष्णु नार्लीकर की जीवनी

Isaac Newton Questions –

1 .आइजैक न्यूटन का जन्म कब और कहा हुवा था ?

आइजैक न्यूटन का जन्म 14 जनवरी 1643 में इंग्लैंड के लिंकनशायर के वूलस्टोर्प में हुवा था 

2 .आइजैक न्यूटन के माता पिता का क्या नाम था ?

आइजैक न्यूटन के माता का नाम हन्ना ऐस्क्फ़ और पिताजी का नाम सर आइजक न्यूटन था। 

3 .न्यूटन का पूरा नाम क्या है ?

न्यूटन का पूरा नाम  सर आइजक न्यूटन था। 

4 .सर आइज़क न्यूटन ने किसकी खोज की थी ?

सर आइज़क न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण का नियम और गति के सिद्धांत (सिद्धान्त) की खोज की हुई थी। 

5 . आइज़क न्यूटन को कैसे शिक्षित किया गया था ?

उनको पहले घर पर ही पढ़ाया गया था। दस साल के बाद ही उन्होंने स्कूल जाना शुरू किया था। 

Conclusion –

आपको मेरा isaac newton biography and contribution बहुत अच्छी तरह से समज आया होगा। 

लेख के जरिये isaac newton inventions और isaac newton fun facts से सबंधीत  सम्पूर्ण जानकारी दी है।

अगर आपको अन्य व्यक्ति के जीवन परिचय के बारे में जानना चाहते है। तो कमेंट करके जरूर बता सकते है।

हमारे आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ शयेर जरूर करे। जय हिन्द।

error: Sorry Bro
%d bloggers like this: