Rajiv Gandhi Biography In Hindi – राजीव गांधी की जीवनी

नमस्कार दोस्तों आज के हमारे लेख में आपको हम Rajiv Gandhi Biography In Hindi की जानकारी देने वाले है , वह स्वतन्त्र भारत के सातवे प्रधान मंत्री , भारत में पहला कॉम्प्यूटर लाने वाले महान व्यक्ति थे। 

आज राजीव गांधी की जीवनी में आपको उनकी माता indira gandhi , उनके पिताजी feroze gandhi और rajiv gandhi wife , sonia gandhi के सबंधी सम्पूर्ण जानकारी बताने वाले है। उनका जन्म 20 अगस्त 1944 जन्मे इन्दिरा गांधी के पुत्र और पूर्व प्रधान मंत्री जवाहर लाल नेहरू के दौहित्र राजीव गांधी भारत देश के सातवे प्रधान मंत्री और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मुख्य राजनेता थे।

rajiv gandhi marriage इटली देश की इक लड़की से हुई थी। राजीव गांधी इटली के कैम्ब्रिज में पढ़ते वक्त एंटोनिया मैनो नाम की लड़की से मुलाकात हुई और 1968 में शादी करली फिर उनका नाम बदल के सोनिया गांघी रख दिया। उनकी पत्नी आज भी राष्ट्रीय भारतीय कोँग्रेश पार्टी का नेतृत्व किया करते है ,तो चलिए आपको ले चलते है उनसे जुडी कई रोचक और महत्व पूर्ण जानकारी के लिए। 

  नाम

  राजीव गांधी

  पूरा नाम

  राजीव फिरोज गांधी

  जन्म

  20 अगस्त, 1944

  जन्म स्थान

  मुंबई

  पिता

  फिरोज गांधी

  माता

  इंदिरा गांधी

  पत्नी

  सोनिया गांधी

  बेटा

  राहुल गांधी

 

  बेटी

  प्रियंका गांधी

  भाई

  संजय गांधी

  अवॉर्ड

  भारत रत्न

  पेशा

  कोंग्रेस राजनेता और पूर्व प्रधान मंत्री

  राष्ट्रीयता

  भारतीय

  मृत्यु

  21 मई, 1991

  मृत्यु स्थान

  तमिलनाडु, श्रीपेरंबदूर

Rajiv Gandhi Biography In Hindi –

शादी के बाद सोनिया गाँधी से उनके दो बच्चे भी हुए बेटे राहुल गांधी और बेटी प्रियंका गांधी Rajiv Gandhi आजाद भारत के सातवे प्रधान मंत्री थे जिसने देश का संचालन लिया। और अपनी सूज -बुज से देश को स्व निर्भर करने के सभी प्रयत्न किये थे। कई क्रांतीओ को जन्म देने में सफलताको प्राप्त हुए। उन्हों ने देश को साक्षारता कारण में मुख्य भूमिका निभाई थी।

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राजीव गाँधी का जन्म –

इंदिरा गाँधी और फ़िरोज़ गाँधी के पुत्र Rajiv Gandhi का जन्म 20 अगस्त 1944 के दिन मुंबई शहर में हुआ था। पति पत्नी में अलगाव होने के कारन इंदिरा गांधी अपने पिताजी के पास रहने लगे और राज निति में कदम रखे। क्योकि उनके पिताजी जवाहरलाल प्रधान मंत्री थे। जब Rajiv Gandhi पढाई छोड़ के भारत आये तब उनके इक भाई संजय गाँधी जिन्हो ने अपनी माँ इंदिरा की राह चलते राजनीतिमे कदम रख के कोंग्रेस पार्टी को मजबूत करने का काम किया था।

राजीव गांधी का परिवार  – 

Rajiv Gandhi family में उनके पिता फ़िरोज़ गाँधी, माता इंदिरा गांधी उनके भाई संजय गांधी और उनकी पत्नी सोनिया गाँधी थे उनके दो बच्चे भी है बेटा राहुल गाँधी और बेटी प्रियंका गांधी। Rajeev Ghandi के मौत के बाद सोनिया गांधी ने कई साल तक कोंग्रेस पार्टी का नेतृत्व किया और कई उतार चढ़ाव भी देखे है। राहुल गाँधी और बहन प्रियंका वाड्रा गांधी आजभी कोंग्रेस के राजनेता के रूप से कार्यरत हे राहुल गांधी अमेठी लोकसभा के चुनाव क्षेत्र से चुना में जीते और कई बार हारे भी है।

राजीव गांधी शिक्षा- (Rajiv Gandhi Education)

Rajiv Gandhi की प्रायमरी शिक्षा देहरादून के इक विध्यालय में हुई थी। फिर इटली के कैम्ब्रिज शहर की इक यूनिवर्सिटी से उन्हों 196  5 में इंजीनियरिंग की पढाई की लेकिन डिग्री को हासिल नहीं किया। कोयोकि पढाई को बिच ही छोड़ दिया था। फिर उन्हों ने भारत में आ कर पायलट की ट्रैनिग लेना शुरू करदी और इन्डियन एयर लाइन्स में पायलट नए थे। इसके बाद इंदिरा गाँधी की हत्या के बाद Rajiv Gandhi को राजनीती में कदम रख ना पड़ा था।

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राजीव गाँधी पायलट कब बने – 

इंदिरा गांधी 1966 में कांग्रेस पार्टी की और से प्रधान मंत्री बने थे उनके बाद Rajiv Gandhi ने दिल्ही शहर में आ करके पायटल बनने के लिए ट्रेनिंग लेनी शुरू करदी थी। 1970 में उन्हों ने इंडियन एयरलाइन में पायलट का काम करना शुरू करदिया।  उसके बाद इंदिरा गाँधी के मौत के बाद वह राजनीती मे उतरे और पुरे भारत देश में भूचाल सी लहार मचा दी और जबरदस्त लोक चाहना को हासिल करके प्रजा का प्यार और सत्ता दोनों कपो हासिल किया।

राजीव गांधी की राजनीती सफर –

पहले राजीव को राजनीति में कोई दिचस्पी नहीं थी। 23 जून 1980 में उनके भाई संजय गांधी की मौत विमान दुर्घटना से होने के बाद राजीव को राज नीति मे आना पड़ा।Rajiv Gandhi ने अमेठी लोकसभा का चुनाव लड़ा और जित गए और 1981 में वह कोंग्रेस पार्टी के युवा अध्यक्ष बनाने में सफल हुए। उन्होंने अमेठी से लोकसभा का चुनाव जीता और संसद में स्थान बनाया। 1981 में राजीव गांधी को भारतीय युवा कांग्रेस का अध्यक्ष बना दिया गया। और वही से उन्हों ने राजनैतिक सफलताओ को सर करके अपना नाम ऊँचा कर दिखाया।

भारत के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री –

इंदिरा गांधी को एक शिख बॉडीगार्ड ने 31 अक्टूबर 1984 के दिन मार दिया गया उनके थोड़े वक्त के बाद ही भारतीय राष्ट्रीय कोंग्रेस पार्टी के सदस्यों ने निर्णय कर के पार्टी की सभी जिम्मेदारिया Rajiv Gandhi के सर में रख दी।1981 की साल में लड़े गए चुनाव में राजी गांधी ने 80 % सीटों को कोंग्रेस के नाम करके एक भूचाल सी मचाके भारत देश के सबसे काम उम्र के प्रधान मंत्री की शपथ ग्रहण की थी उनका शासन काल 1984 से 1989 तक रहा था।

राजीव गाँधी ने देश की प्रगति रफ़्तार को दुगुनी करके बहुमूल्य योगदान दिया इसमें कंप्यूटर संचार क्रांति और शिक्षा को महत्त्व देना शुरू करके उन्हों ने 18 साल के युवाओ को वोट डालने और पंचायती राज का प्रारम्भ किया।भारत के युवा प्रधान मंत्री राजीव गाँधी ने देश की आंतरिक विग्रह को दबोच कर के देश में शांति की अनुभूति करवाई और देश की युवा शक्ति को महत्व दे करके देश की विकास को भागडोर को मजबूत करदिया था। उन्हों ने युवाओ के लिए जवाहर रोजगार योजना का प्रारम्भ किया और सबको रोज़गार मिले ऐसे प्रयत्न हमेशा करते रहे।

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राजीव गांधी का योगदान – (Rajiv Gandhi Contribution)

Rajiv Gandhi का पूरा परिवार भारत देश की विकास गाथा में शामिल हे लेकिन युवा प्रधान मंत्री Rajiv Gandhi का योगदान भी कम नहीं है उन्हों ने आतंकवादियों के विरुद्ध सेना ओर पुलिस अभ्यं चला के देश में शांति का स्थापन किया थाश्रीलंका की सरकार से वाटा गाटो के बाद शांति समजोता किया लेकिन उसकी असर उलटी हुई और भारतीय शांति सेना को श्रीलंका की एल टी टी इ आतंकवादिई संगठन को नियंत्रित करना पड़ा था।

पुरे देश में सभी व्यक्तिओ को साक्षारता दिलाने हेतु उन्हों ने कई योजनाए चलाई और सफल भी रहे है। 1985 में आम चुनाव में राजीव गाँधी का प्रचंड बहुमत ने पुरे देश में एक लहार सी फैलाई और उनके युवा एव आधुनिक दृष्टिकोण के नेतृत्वने कई सफल मसलो को जन्म दिया।भारत सर्कार को कई दलालो से मुक्ति दिला के नौकर शाही को ख़त्म करके एक नए युग का निर्माण करना चाहा और भारत लोकतंत्र को मजबूत करके पुरे विश्व में स्थान दिलाया है।

युवा प्रधान मंत्री के पद को Rajiv Gandhi ने अपने सूज बुझ और अनुभव से एक नई चमक प्रदान की थी। उन्ही के नेतृत्व में कई फैसले लिए गए और उन्ही फेसलो से भारत देश को कई सफलताए मिली हे जो गिनी भी नहीं जा सकती हे। औद्योगिक विकास की शरुआत के सहयोगी रहे थे राजीव गाँधी भारत देश में पहला ‘ टेक्नोलॉजी मिशन’ नामक संस्था की स्थापना करवाई और अपने शासन के वक्त कई विदेशी यात्रा को समूर्ण करके अंतरराष्ट्रीय कक्षा के सबंधो को भी सुधार के देशमे सांस्कृतिक

और आर्थिक सुधर करके देश को एक नई ऊंचाई पर लेजाने में बहुत बढ़िया योगदान दिया है। इन्होने इतना बढ़िया योगदान दिया है की भारत देश चाह करके भी मिटा नहीं सकता है।उन्हों ने मिझोरम आसाम और पंजाब के राजनैतिक समझोते के वक्त ही अपनी सूज बुज का परिचय पुरे देश को देदीये थे। एशियाई खेलो में 1982 के नवम्बर में भारत देश की और से मेजबानी की और विस्व के स्तर पर देश को उभारने हेतु योगदान दिया।

राजीव गाँधी पर लगे आरोप –

1980 एव 1990 की साल में भारतीय राष्ट्रीय कोंग्रेस पर भ्रस्टाचार का आरोप लगा था लेकिन Rajeev गांधी खुद भष्टाचार के पूर्ण रूप से विरोधी थे। फिरभी उन पर बोफोर्स कांड का आरोप लगाथा।इससे राजीव की राजनैतिक करियर में बहुत गहरा असर पडाथा। इससे 1989 की साल में हुए चुनाव में दिखा और Rajeev गाँधी को हार को स्वीकार करना पड़ा था।उन्हों ने दो साल तक विपक्ष के नेता की भूमिका निभाई और वह समय उनके राजनैतिक करियर का कस्ट दायक वक्त बतलाया जाता है।

ऐसी परिस्थितियों में भी वह अपने स्वाभाव को अनुकूलित और कंट्रोल करपाते थे इस कारन ही लोगो के उनको सम्मान और प्यार मिला था।Rajiv Gandhi ने दो साल तक विपक्ष में रहकर कार्य किया. इनका राजनेतिक जीवन बहुत कष्टदायक था, जिसके साथ वह अपने धेर्यवान स्वभाव के कारण ही न्याय कर पाए, इसलिए इन्हें बहुत प्यार एवम सम्मान मिला।

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राजीव गांधी की मृत्यु – (Rajiv Gandhi Death)

राजीव गांधी 46 वर्षों के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। पूर्व युवा राजीव गांधी 1984 से 1989 तक प्रधानमंत्री रहे थे। श्रीलंका देश में हो रहे आतंकी हमलो के प्रश्नो मिटाने की प्रक्रिया पर दबाव डालने वाले Rajiv Gandhi को इन्ही कारण से ही जान गावानि पड़ी थी।

21 मई 1991 के दिन तमिलनाडु चुनाव प्रचार के वक्त श्रीपेरंबदूर में मानव बम से आतंकियों ने Assassination of Rajiv Gandhi करदी थी और भारत देश ने अपना एक शक्तिशाली , वीर और युवा राजनेता और सातवा प्रधान मंत्री को खोना पड़ा। इससे पहले भी राजीव गाँधी पर जानलेवा हमला करवाया था।

गांधी परिवार ने इंदिरा गाँधी और rajeevi गाँधी को आतंकी हमले में खो दिया था मगर संजय गाँधी की मौत की कोई जानकारी आजभी नहीं मिली है।भारत देश के युवा प्रधान मंत्री raajivi गांधी की मौत से देश की जनता को गहरा आघात पंहुचा था। जिन्हे यद् करके लोग आजभी दुखी हुआ करते है।

देश आज भी राजीव गाँधी और इंदिरा गाँधी को भुला नहीं पाया है। ऐसी जिन्दीगी को जिने वाले महान इंसान थे Rajeev गाँधी के मौत के बाद कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व पत्नी सोनिया गाँधी ने किया जो की सफल भी रही थी।

Rajiv Gandhi Life Style Video –

 

राजीव गांधी के रोचक तथ्य – 

  • पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी भारत के सबसे युवा प्रधानमन्त्री और भारत में कंप्यूटर क्रांति के जनक माने जाते हैं , राजीव गांधी भारत के 40 की उम्र में बनने वाले सातवें और सबसे युवा प्रधानमंत्री थे। 
  • श्रीलंका में हो रहे आतंकी मामलों को ठीक करने के लिए राजीव गाँधी ने अहम कदम उठाये थे इसीलिए उनके कई लोग दोस्त और दुशमन भी बने हुए थे उस वक्त श्रीलंका में गृहयुद्ध चल रहा था इसको खत्म करने के लिए राजीव गांधी ने राष्ट्रपति जयवर्धने से एक समझौता किया था। 
  • 1980 और 1990 के बीच में कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचारी होने का आरोप लगाया गया था उस वक्त प्रधानमंत्री राजीव गांधी थे।  हम आपको बता दें कि राजीव गाँधी पर बोफोर्स तोपों  की खरीददारी में लिए गए घूस कमीशन का आरोप लगा था
  • 1966 की साल में  राजीव गांधी पढाई पूर्ण करके भारत आ गए थे और उस वक्त तक उनकी माता इंदिरा गांधी भारत की प्रधानमंत्री बन चुकी थीं. राजीव गांधी को संगीत में बहुत ही रूचि थी. उन्हें पश्चिमी और हिन्दुस्तानी शास्त्रीय एवं आधुनिक संगीत पसंद था। 
  • 1984 की साल में कांग्रेस ने राजीव गांधी के नेतृत्व में लोकसभा का चुनाव अमेठी से लड़ा  और कांग्रेस को 533 में से 404 सीटें मिलीं जो कि इतिहास की सबसे बड़ी जीत मानी गई. इस कारन राजीव गांधी भारत के सातेवं और 40 साल की कम उम्र में सबसे युवा प्रधानमंत्री बने। 
  • राजीव गांधी का व्यक्तित्व स्वभाव सरल और सहनशील था. वह कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले अपनी पार्टी के साथ विचार विमर्श किया करते थे. राजीव गांधी ने देश को आधुनिकता की तरफ अग्रसर किया था उनका उदेश देश को उच्च तकनीकों से पूर्ण करना था।

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राजीव गांधी के कुछ प्रश्न –

1 .राजीव गांधी का मौत कैसे हुआ?

21 मई 1991 के दिन तमिलनाडु चुनाव प्रचार के वक्त श्रीपेरंबदूर में आतंकी धमाके में राजीव गांधी की मौत हो गई थी

2 .राजीव गांधी प्रधानमंत्री कब बने?

भारत के सातवें प्रधानमंत्री राजीव गांधी का कार्यकाल ३१ अक्तूबर १९८४ – २ दिसंबर १९८९

3 .राजीव गांधी का जन्म कब और कहां हुआ था?

20 अगस्त 1944 के दिन जन्मे राजीव गांधी इन्दिरा गांधी के पुत्र और पूर्व प्रधान मंत्री जवाहर लाल नेहरू के दौहित्र है। 

4 .राजीव गांधी का पूरा नाम क्या था?

राजीव गांधी का पूरा नाम राजीव रत्ना गांधी है। 

5 .राजीव गांधी ने देश के लिए क्या किया?

राजीव गांधी ने देश के लिए बहुत कुछ किया पुरे भारत को आधुनिकता की तरफ अग्रसर करने वाले प्रधान मंत्री थे। भारत देश में सबसे पहले कम्प्यूटर का आह्वान राजीव गांधी ने किया था। 

6 .राजीव गांधी कितने भाई थे? इंदिरा गांधी के कितने बेटे थे?

राजीव गांधी के एक दूसरे भाई भी थे जिसका नाम sanjay gandhi था।  इंदिरा गांधी के दो बेटे थे भारत देश के सातवे पूर्व प्रधान मंत्री राजीव गांधी और दूसरे बेटे का नाम संजय गांधी था। 

7 .क्यों राजीव गांधी की हत्या?राजीव गांधी कहाँ से हैं?

राजीव गांधी की हत्या उनके अच्छे कामो के कारन हुई कहा जाता है। राजीव गांधी का जन्म मुंबई शहर में हुआ था 

8 .सोनिया गांधी और राजीव गांधी कैसे मिले?क्या राजीव गांधी जीवित हैं?

राजीव गांधी से सोनिया गांधी की पहली मुलाकात वर्सिटी रेस्तरां हुई थी। वह वे अंशकालिक वेट्रेस के रूप में काम कर रही थीं। तब राजीव गांधी कैंब्रिज विश्वविद्यालय में ट्रिनिटी कॉलेज में इंजीनियरिंग कर रहे थे। राजीव गांधी को 21 मई 1991 के दिन तमिलनाडु चुनाव प्रचार के वक्त श्रीपेरंबदूर में आतंकी धमाके में मौत हो चुकी है। 

9 .राजीव गांधी ने कितनी सीटें जीतीं?

दिसंबर 1984 का लोकसभा चुनाव में लोकसभा की 542 में 515 सीटों पर ही चुनाव हुए थे। असम की 14 और पंजाब की 13 सीटों पर चुनाव 1 साल बाद सितंबर 1985 में हुए। इन चुनावों में कांग्रेस को 542 में से 415 सीटों पर जीत मिली थी।

10 .राजीव गांधी के साथ सभी किसकी मृत्यु हुई?

श्रीपेरंबदूर में  हुए बम धमाके के समय तमिलनाडु कांग्रेस के बड़े राजनेता राममूर्ति,जी के मूपनार और जयंती नटराजन उस वक्त मौजूद थे। धुआँ छटा तो राजीव गाँधी की तलाश शुरू हुई. उनके शरीर का एक हिस्सा औंधे मुंह पड़ा हुआ था. उनका कपाल फट चुका था और उसमें से उनका मगज़ निकल कर सुरक्षा अधिकारी पीके गुप्ता के पैरों पर गिरा हुआ था जो स्वयं अपनी अंतिम घड़ियाँ गिन रहे थे। 

निष्कर्ष – 

दोस्तों आशा करता हु आपको मेरा यह आर्टिकल Rajiv Gandhi Biography In Hindi बहुत अच्छी पसंद आया होगा। इस लेख के जरिये  हमने rajiv gandhi father और rajiv gandhi mother से सबंधीत  सम्पूर्ण जानकारी दे दी है अगर आपको इस तरह के अन्य व्यक्ति के जीवन परिचय के बारे में जानना चाहते है तो आप हमें कमेंट करके जरूर बता सकते है। और हमारे इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ शयेर जरूर करे। जय हिन्द । भारत माता की जय।

 

 

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