Indian Army Full Information In Hindi | Baratiy Thal Sena Ki Puri Jankari

नमस्कार मित्रो आज के हमारे लेख में आपका स्वागत है आज हम Indian Army Full Information In Hindi में भारत की सबसे शक्तिशाली भारतीय थल सेना की जानकारी देने वाले है।  

इंडियन आर्मी किसी परिचय की मोहताज नहीं , समस्त देशवासी सेना के कर्जदार है। अगर हम अपने घरो में चैन से सो पाते है, तो इसका पूरा का पूरा श्रेय केवल हमारी सेना को

Indian Army Full Information In Hindi
Indian Army Full Information In Hindi

जाता है। आज हम indian armed forces ,total army in india और indian military power की बात करने वाले है। भारतीय सेना के पद की जानकारी ,भारतीय सेना के विभाग की जानकारी और भारत में कितने प्रकार की सेना है Indian soldiers in hindi की सम्पूर्ण जानकारी आर्टिकल में लिखने वाले है। 

हिंदुस्तान की तीनो सेनाये ऐसे तो देश की बहुत बड़ी ताकत है जिसके कारन देश के अन्य नागरिको को चेन और सुख की नींद प्राप्त हुआ करती है। हम तहेदिल से पूरी भारतीय सेना को सलाम करते है। उसमे फर्ज निभाने वाले हर नौजवान के हम कर्जदार है जो अपनी जान की परवाह किये बिनाहि हमारे देश की रक्षा हेतु दिन रात सेवाएं प्रदान करते है। ऐसा भी हम कहेंगे की वह एक भगवान ये अल्लाह है तो कोई गलत नहीं है क्योकि उनका कार्य ही उतने लाजवाब है। तो चलिए Information about indian army in hindi बताते है। 

Indian Army Full Information In Hindi –

कुल टैंक

6464

एयरक्राफ्ट

2068

हेलीकाप्टर

646

पनडुब्बियां

14

लड़ाकू विमान

679

रक्षा बजट

40 अरब डॉलर

भारतीय थल सेना – (Indian Army)

Army information in hindi (भारतीय सेना संबंधी जानकारी हिंदी में) में आपको बतादे की हमारी तीनों सेनाएं जल, थल और वायु, हमारी देश की आंखे है, जो चौबिसो घंटे और सातो दिन प्रहरी की भूमिका बड़े समर्पण के साथ निभाते हैं। हर वक़्त चौकस रहती हैं, हमारी सेना। बाहरी खतरों से हर पल हमारे देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं।

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Indian Army Introduction –

सेना को किसी परिचय की आवश्यकता नहीं है। हमारे पास अपने सैनिकों के लिए और पूरे भारतीय सेना के लिए अपार सम्मान, प्यार, गर्व और प्रशंसा है। राजस्थान के जलते हुए रेगिस्तानों से लेकर सियाचिन की बर्फीली ऊंचाइयों तक, युद्ध के मैदान से लेकर राष्ट्र निर्माण तक, एक अपराजेय इच्छाशक्ति के साथ सर्वोच्च बलिदान तक, हमारे सैनिकों ने भारत के लिए सम्मान और सबसे ऊपर अपने जीवन के लिए समझौता किया है।

भारत सरकार और उसके प्रत्येक भाग की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत सेना सदैव तत्पर रहती है। भारत सरकार को ताकत हमारी सेना के कारण ही मिलती है। किसी भी देश की सेनाएं जितनी मजबूत और ताकतवर होती हैं, वह देश भी उतना ही ज्यादा प्रगतिशील और ताकतवर होता है। एक सैनिक का जीवन “राष्ट्र प्रथम” की थीम पर काम करता है।

वह राष्ट्र के गौरव की रक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान कर देता है। वह एक सच्चे देशभक्त हैं और मातृभूमि की सेवा में अपना जीवन लगाने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। एक सिपाही एक नायाब हीरो होता है और एक ऐसा भूमिका निभाता है जिसे देखा नहीं जाता, लेकिन उसे महसूस किया जाता है।

इंडियन आर्मी क्या है ? –

भारतीय सेना छह ऑपरेटिंग कमांड और एक ट्रेनिंग कमांड में विभाजित है। प्रत्येक कमांड में कई कोर, डिवीजन, ब्रिगेड, बटालियन/रेजिमेंट, राइफल कंपनी, प्लाटून और सेक्शन हैं। इन सभी कमांडों में विविध इतिहास हैं। आजादी के पहले और बाद में बड़ी संख्या में लड़ाई और सम्मान जीतने के लिए सेना दुनिया भर में कई लड़ाई और अभियानों में भाग लिया है।

भारत का राष्ट्रपति भारतीय सेना का एक सर्वोच्च कमांडर होता है, जिसकी कमान सेनाध्यक्ष के पास होती है, जो एक चार सितारा जनरल होता है। दो अधिकारियों को फील्ड मार्शल के पद से सम्मानित किया जाता है। और एक पाँच सितारा रैंक, जो कि बड़े सम्मान की एक औपचारिक स्थिति है।

इंडियन आर्मी में महिलाओं का वर्चस्व

इंडियन आर्मी आज हमारे देश की महिलाओं को बड़े अवसर प्रदान करती है। भारतीय सेना में महिलाओं की भूमिका तब शुरू हुई जब 1888 में “भारतीय सैन्य नर्सिंग सेवा” का गठन किया गया और वे प्रथम विश्व युद्ध और द्वितीय में लड़ीं, जहाँ भारतीय सेना की नर्सें या तो मर गईं थीं या युद्ध के कैदी या कार्रवाई में लापता घोषित हो गईं थी।

2015 में भारत ने फाइटर पायलट के रूप में महिलाओं के लिए नई लड़ाकू वायु सेना की भूमिकाएं खोलीं। भारतीय वायु सेना में हेलीकॉप्टर पायलट के रूप में अपनी भूमिका को जोड़ा।

गणतंत्र दिवस पर प्रथम बार महिला सैनिकों द्वारा किए गए हैरतअंगेज कारनामें

गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार भाग लेकर सभी महिला असम राइफल्स टुकड़ी ने 2020 में इतिहास रच दिया। भारत के 71 वें गणतंत्र दिवस की परेड में रविवार को नारी शक्ति पूरे प्रदर्शन पर थी, क्योंकि कई महिला अधिकारियों ने पहली बार सेना और सेना के अर्धसैनिक टुकड़ियों का नेतृत्व किया। मेज़र खुश्बू ने परेड के दौरान असम राइफलों की 144 महिला कर्मियों की टुकड़ी का नेतृत्व किया।

आकर्षण का केंद्र सबसे पुराने अर्धसैनिक बल, असाम राइफलों की महिला टुकड़ी की पहली बार भागीदारी थी। इस अर्धसैनिक बल में महिला कर्मियों की भर्ती 2015 में शुरू हुई और 124 महिलाओं का पहला बैच अप्रैल 2016 में पारित हुआ। नौसेना, भारत सेना सेवा कोर और कोर ऑफ़ सिग्नल की एक इकाई (परिवहन योग्य उपग्रह टर्मिनल) सभी महिला अधिकारियों के नेतृत्व में थे।

सिग्नल की कोर से कैप्टन शिखा सुरभि बाइक चलाने वाली पहली महिला बन गईं, जो अपने पुरुष साथियों के साथ डेयरडेविल्स के हिस्से के रूप में, इस गणतंत्र दिवस पर एक प्रमुख आकर्षण थीं। बाइक से उसके द्वारा खड़े सलामी ने दर्शकों से जोरदार तालियाँ बटोरीं। पहली बार, एक महिला अधिकारी, श्रीमती भावना कस्तूरी ने इंडियन आर्मी सेवा कोर की एक टुकड़ी का नेतृत्व किया था।

सशस्त्र बलों में तीसरी पीढ़ी की अधिकारी कैप्टन भावना सयाल ने परिवहन योग्य उपग्रह टर्मिनल के दल का नेतृत्व किया। लेफ्टिनेंट भावना कस्तूरी ने सेना सेवा वाहिनी का एक सर्वसमावेशी नेतृत्व करने वाली पहली महिला सेना अधिकारी बनकर इतिहास रच दिया।

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Indian Army (सोल्जर्स, असली हीरो)

हमारे देश की सुरक्षा पूरी तरह से हमारे सैनिकों पर निर्भर है। उनका जीवन गुलाबों का बिस्तर नहीं है, बल्कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से पार पाने वाला जीवन है। उनके लिए, देश की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है। भारतीय सेना न केवल युद्ध में लड़ती है बल्कि बचाव कार्यों का भी ध्यान रखती है। जब प्राकृतिक आपदाएं चक्रवात, पृथ्वी-भूकंप, बाढ़ आदि आते हैं। एक लेखक, शिक्षक, इंजीनियर, डॉक्टर अपनी क्षमताओं के अनुसार अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं, लेकिन सैनिकों के द्वारा निभाई भूमिका सर्वोपरि है। वे दूसरों के लिए जीते हैं। 

और देश को अपना एक बड़ा परिवार मानते हैं। साहस, कामरेडशिप और भाईचारे की भावना का दूसरा नाम है, भारतीय सेना और उसके वीर जवान। इंडियन आर्मी के सभी सैनिकों में हर समय अमर बनने के लिए मौत को गले लगाने की इच्छा होती हैं। प्रत्येक भारतीय को हमेशा हमारे राष्ट्रीय नायकों के प्रति एक अच्छी और वीर मानसिकता का निर्माण करना चाहिए और उनके बलिदान कार्य का सम्मान करना चाहिए।

भारतीय सेना के हथियार

सेना के अधिकांश उपकरण आयात किए जाते हैं, लेकिन स्वदेशी उपकरणों के निर्माण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन ने भारतीय सेना के लिए छोटे हथियारों, तोपखाने, राडार और शस्त्रागार से लेकर कई हथियारों का विकास किया है। सभी भारतीय सैन्य छोटे हथियारों का निर्माण आयुध कारखानों बोर्ड के छत्र प्रशासन के तहत किया जाता है। बन्दूक निर्माण प्रमुखतः कानपुर, जबलपुर और तिरुचिरापल्ली में सभी सुविधाओं के साथ होता है।

Bhartiya Thal Sena सेना दिवस कब मनाया जाता हे ? –

देश में हर साल 15 जनवरी को भारतीय थल सेना दिवस मनाया जाता है। आज ही के दिन 1949 में फील्ड मार्शल केएम करियप्पा (Field Marshal KM Cariappa) ने जनरल फ्रांसिस बुचर (General Sir Francis Butcher) से भारतीय सेना की कमान ली थी। फ्रांसिस बुचर भारत के अंतिम ब्रिटिश कमांडर इन चीफ थे। फील्ड मार्शल केएम करियप्पा भारतीय आर्मी के पहले कमांडर इन चीफ बने थे। करियप्पा के भारतीय थल सेना के शीर्ष कमांडर का पदभार ग्रहण करने के उपलक्ष्य में हर साल यह दिन मनाया जाता है।करियप्पा पहले ऐसे ऑफिसर थे जिन्हें फील्ड मार्शल की रैंक दी गई थी। आर्मी डे पर पूरा देश थल सेना के अदम्य साहस, उनकी वीरता, शौर्य और उसकी कुर्बानी को याद करता है।

निष्कर्ष

इंडियन आर्मी का प्राथमिक मिशन राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रीय एकता सुनिश्चित करना है। भारतीय सेना का इतिहास विभिन्न रियासतों की खंडित सेनाओं से शुरू होकर ईस्ट इंडिया कंपनी की सेनाओं तक चला गया जो अंततः ब्रिटिश भारतीय सेना बन गई, जो स्वतंत्रता के बाद भारतीय राष्ट्रीय सेना बन गई। भारतीय सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमान राष्ट्रपति में निहित है। भारतीय सेना का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।

सेनाध्यक्ष (सीओएएस) के अधीन कार्य करता है, जो कमान, नियंत्रण और प्रशासन के लिए जिम्मेदार होते हैं। हम सभी महान बलिदान का अनुभव करते हैं, जो हमारी भारतीय सेना हमारे देश को एक साथ रखने के लिए हर दिन करती है। हम सभी अपनी भारतीय सेना को सलाम करते हैं और उस सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धांजलि देते हैं जो हमारे सेना के भाई हर दिन कर रहे हैं।

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भारतीय सेना के युद्ध

1947

भारत-पाकिस्तान युद्ध

1962

भारत-चीन युद्ध

1965

भारत-पाकिस्तान युद्ध

1971

भारत-पाकिस्तान युद्ध

1999

भारत-पाकिस्तान युद्ध

भारतीय सेना के पद की जानकारी

भारत की रक्षा सेनाओं का सर्वोच्च कमांडर भारत का राष्ट्रपति है।

किन्तु देश रक्षा व्यवस्था की ज़िम्मेदारी मंत्रिमंडल की है।

रक्षा से संबंधित सभी महत्त्वपूर्ण मामलों का फ़ैसला राजनीतिक कार्यों से संबंधी मंत्रिमंडल समिति करती है।

जिसका अध्यक्ष प्रधानमंत्री होता है। रक्षा मंत्री सेवाओं से संबंधित सभी विषयों के बारे में संसद के समक्ष उत्तरदायी है।

भारतीय सेना की संख्या

वर्ष 1946 के पूर्व भारतीय रक्षा का पूरा नियंत्रण अंग्रेज़ों के हाथों में था। 1947 में देश का विभाजन होने पर भारत को 45 रेजीमेंट मिलीं, जिनमें 2.5 लाख सैनिक थे। गोरखा फ़ौज़ की 6 रेजीमेंट (लगभग 25,000 सैनिक) भी भारत को मिलीं। शेष गोरखा सैनिक ब्रिटिश सेना में सम्मिलित हो गये। ब्रिटिश सेना की अंतिम टुकड़ी सामरसैट लाइट इन्फैंट्री की पहली बटालियन हो गयी, और भारतीय भूमि से 28 फ़रवरी, 1948 को स्वदेश रवाना हुई।

कुछ अंग्रेज़ अफ़सर परामर्शक के रूप में कुछ समय तक भारत में रहे लेकिन स्वतंत्रता के पहले क्षण से ही भारतीय सेना पूर्णत: भारतीयों के हाथों में आ गयी थी। स्वतंत्रता के तुरंत पश्चात् भारत सरकार ने भारतीय सेना के ढांचे में कतिपय परिवर्तन किये। थल सेना, वायु सेना एवं नौसेना अपने-अपने मुख्य सेनाध्यक्षों के अधीन आयी।

ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों लड़ने की महारत भारत के पास ही है। भारतीय सेना की ओर से High Altitude Warfare School दुनियाभर के सैनिकों को ट्रैनिंग देता है। हाल ही में अमेरिका, इंग्लैंड और रूस के विशेष सेना बल ने अफ़ग़ानिस्तान पर आक्रमण करने से पहले हिस्सा लिया था। दुनिया की सबसे ऊंची रणभूमि काराकोरम का सियाचिन ग्लेशियर हैं। इसकी उंचाई समुद्र तल से 5000 मीटर उपर है जिसकी भारतीय सेना देखभाल करती है।

Indian Army Power  (भारतीय सेना की ताकत)

मध्यप्रदेश में इंदौर जिले में स्थित महू भारत की पुरानी छावनियों में से एक है। 1840 से 1948 तक यहां रेजिमेंट की ट्रेनिंग होती थी। यह उस समय का Military headquarters of War (MHOW) था। तभी से इसका नाम शार्ट में महू हो गया था। भारत-पाकिस्तान के बीच लोंगेवाला लड़ाई में सिर्फ दो ही भारतीय जवान शहीद हुए थे। इसी लड़ाई पर सनी दयोल की फिल्म बॉर्डर बनी थी।

खासबात यह थी कि मात्र 120 जवानों ने पाकिस्तान के 2000 सैनिकों को धूल चटा दी थी। भारतीय सेना के पास उस समय एक जीप थी और पाकिस्तानी सेना के पास करीब 2000 टैंक थे। भारतीय सेना ने 2013 में ऑपरेशन राहत चलाया था। जो अब तक का सबसे बडा़ बचाव मिशन था। यह मिशन भारतीय वायु सेना ने चलाया था। उत्तराखंड में आई भयंकर बाढ़ के दौरान इन जांबाज सैनिकों ने 20 हजार लोगों को बचाया था।

भारत में सबसे बड़ी निर्माण एजेंसियों में से एक है सैन्य इंजीनियरिंग सेवा (M.E.S)। एमईएस और सीमा सड़क संगठन (B.R.O) पर देश की बेहद शानदार सडकों के निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी है। दुनिया में सबसे ऊँची सड़क खर्दुन्गला और चुम्बकीय पहाड़ी जैसी सडकों के रखरखाव की जिम्मेदारी भी यही एजेंसी करती है।

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भारतीय सेना के कार्य –

  • भारतीय सेना संबंधी जानकारी कार्य की बात करे तो सेना दिवस,
  • भारत में हर वर्ष 15 जनवरी को लेफ्टिनेंट जनरल (बाद में फ़ील्ड मार्शल) के. एम. करियप्पा के
  • भारतीय थल सेना के शीर्ष कमांडर का पदभार ग्रहण करने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।
  • उन्होंने 15 जनवरी 1949 को ब्रिटिश राज के समय के भारतीय सेना के अंतिम अंग्रेज शीर्ष
  • कमांडर जनरल रॉय फ्रांसिस बुचर से यह पदभार ग्रहण किया था।
  • 1971 में भारत और पाकिस्तान युद्ध हआ था।
  • युद्ध में पराजय के बाद 93,000 पाकिस्तानी जवानों ने भारतीय सेना के सामने आत्मसमर्पण किया था।
  • दुसरे विश्व युद्ध के बाद यह सबसे बड़ा आत्मसमर्पण था जो पाकिस्तानी सेना द्वारा किया गया था।
  • भारतीये सेना दुनिया भर में इसीलिये भी जानी जाती हैं। 
  • क्योकिं जब 1970 और 1990 में परमाणु परिक्षण किया।
  • तब इस बात की भनक दुनिया की सबसे बडी खुफिया एजेंसी सीआईए को भी नहीं लगी थी।
  • यह सी.आई.ए की अब तक की सबसे बड़ी असफलता है।
  • दुनियाभर में भारतीय सेना को शांति फैलाने के लिये भी जाना जता है।
  • युनाइटेड नेशंस के शांति अभियान के तहत भारत दुनिया के
  • किसी भी देश से सबसे बड़ी संख्या में जवानों को भेजता है।
  • बेली ब्रिज दुनिया की सबसे उंची ब्रिज है जोकि लद्दाख में द्रास और सुरु नदी के बीच स्थित है।
  • जिसका निर्माण भारतीय सेना ने 1982 में कराया था।
  • राष्ट्रपति की सुरक्षा में लगी सेना भारतीय सेना की सबसे पुरानी रेजीमेंट है।
  • जोकि वर्तमान में राष्ट्रपति भवन में ही रहती है। यह 1773 में स्थापित हुआ था।

Indian Army Other Information –

  • जंगलों में लड़ने के मामले में भारतीय सेना को दुनिया में सबसे श्रेष्ठ सेना के तौर पर जाना जाता है।
  • भारत की इस गुणवत्ता को जानने के लिए अमेरिका, ब्रिटेन और
  • रूस जैसे देश अक्सर इस टुकड़ी का दौरा करते हैं।
  • अगर पुरे एशिया की सबसे बड़ी अकादमी की बात करें तो ये भारत में स्थित केरल की एजिमाला एकादमी है।
  • भारतीय वायु सेना का ताजीकिस्तान में आउट-स्टेशन है।
  • ताजिकिस्तान के बाद अब भारतीया सेना अपना आउट-स्टेशन अफगानिस्तान में भी बनाने जा रही है।
  • सचिन तेंदुलकर को भारतीय वायु सेना द्वारा कप्तान के रैंक से सम्मानित किया गया है।
  • वही महेंद्र सिंह धोनी को सेना की ओर से लेफ्टिनेंट का पद प्राप्त है।
  • इंडियन नेवी की स्थापना सन 1830 में हुई थी और उस समय भारत आजाद नहीं था।
  • राम दास खत्री को पहला भारतीय चीफ बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ और वह दिन था 22 अप्रैल 1958.
  • भारतीय सेना का निर्माण 1776 में ईस्ट इंडिया कंपनी ने कोलकाता में किया था।
  • भारतीय सेना सबसे पहला एक्शन 1961 में लिया था जब गोआ से पुर्तगाल नेवी को हटाना था।
  • 18 दिसंबर 1961 को भारतीय सेना ने गोवा में ऑपरेशन विजय की शुरुआत की
  • 19 दिसंबर को पुर्तगाली सेना ने आत्मसर्पण कर दिया।
  • यहां भारतीय सेना 450 साल के पुर्तगाली साम्राज्य से आजाद कराया था।

Indian Army Video –

भारतीय सेना के रोचक तथ्य

  • दुनिया की सबसे बड़ी स्वैच्छिक सेना है भारत के पास। सभी सेवारत और रिज़र्व सेना के पास
  • अपनी सेवा देने या न देने का अधिकार होता है।
  • यह अधिकार भारत के संविधान में भी दर्ज है। दूसरे सरकारी संगठनों की तुलना में भारतीय सेना में जाति या धर्म के आधार पर मिलने वाली आरक्षण की व्यवस्था नहीं है।
  • भारतीय सेना में घुड़सवारों की भी टुकड़ी है। दुनिया में सिर्फ 3 देशों के पास घुड़सवारों की सेना है।
  • भारतीय सेना के देशभर में में 53 कैंटोनमेंट और 9 आर्मी बेस हैं।
  • असम रायफल्स भारतीय सेना की सबसे पुरानी पैरामिलट्री फोर्स है जिसकी स्थापना 1835 में की गयी थी।
  • भारतीय सेना के पास घुड़सवार सेना की एक रेजीमेंट भी है, जो दुनिया में तीन देशों के पास ही है।

Indian Army Salary –

Indian Army Post

Pay Scale

Cash In-hand

Lieutenant

15600-39100 (Level 10)

68,000

Captain

15600-39100 (Level 10 B)

75,000

Major

15600-39100 (Level 11)

1,00,000

Lieutenant Colonel

37400-67000 (Level 12)

1,12,000

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Indian Army FAQ –

1 .सेना के लिए योग्यता क्या है ?

कक्षा 12 वीं में अंग्रेजी और गणित में 50% होना अनिवार्य है।

10 + 2 / इंटरमीडिएट परीक्षा विज्ञान में भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान

और अंग्रेजी के साथ 50% अंकों के साथ कुल और न्यूनतम प्रत्येक विषय में

40% के साथ उत्तीर्ण होने से सेना के लिए योग्य माना जाता है। 

2 .क्या मैं 12 वीं के बाद सेना में शामिल हो सकता हूं?

हा अगर आप 12 वीं पास है तो इंडियन आर्मी में ज्वाइन हो सकते है। 

3 .मुझे सेना में नौकरी कैसे मिल सकती है?

सेना मे सेवाएं प्रदान करने के लिए उसकी भारतीयों से आपको योग्यता साबित करनी होती है।  

4 .आर्मी करियर क्या हैं?

इंडियन आर्मी में सेवाएं प्रदान करना इक भारत माँ के चरणों में रहने बराबर है। 

उसमे करियर बहुत ही भाग्य शाली को प्राप्त होता है।

5 .भारतीय सेना में सबसे अच्छा काम कौन सा है?

हमें तो माँ भारती की कोई भी गतिविधि गलत नहीं लगती है इक भगवान के जैसे कार्य किया करते है। 

Conclusion –

दोस्तों आशा करता हु आपको मेरा यह आर्टिकल Indian Army Full Information In Hindi बहुत अच्छी तरह से समज आ गया होगा। इस About soldiers in hindi लेख के जरिये  हमने indian army recruitment और types of army in india से सबंधीत  सम्पूर्ण जानकारी दे दी है अगर आपको इस तरह के अन्य किसी के बारे में जानना चाहते है तो आप हमें कमेंट करके जरूर बता सकते है। और हमारे इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ शयेर जरूर करे। जय जवान।

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