Subedar Joginder Singh Biography In Hindi – सूबेदार जोगिंदर सिंह की जीवनी

नमस्कार मित्रो आज हम Subedar Joginder Singh Biography In Hindi बताने वाले है। द्वितीय विश्व युद्ध के सिख रेजिमेंट के एक भारतीय सैनिक सूबेदार जोगिंदर सिंह का जीवन परिचय देने वाले है। 

आज के हमारे लेख में आपका स्वागत है। 1962 के भारत-चीन युद्ध में अपनी वीरता और साहस से उनकी मौत के बाद परमवीर चक्र से भारत सरकार ने सन्मानित किया था। वह 1936 में भारत की ब्रिटिश भारतीय सेना में जुड़े और सिख रेजिमेंट से उनकी फ़ास्ट बटालियन में अपनी सेवाएं देते थे। आज हम Subedar Joginder Singh daughter, Subedar Joginder Singh wife और Subedar Joginder Singh cast से सम्बंधित जानकारी देने वाले है। 

आपकी जानकारी के लिए बतादे की उन्होंने भारत-चीन युद्ध में बुम ला मोर्चे पर अपनी बटालियन का नेतृत्व करते थे। अपनी बहादुरी और वीरता से उन्होंने कई चीनी सेनिको को कुचल दिया था। वह भी बिना कोई हथियार की सहायता से उन्होंने वीरता व अदम साहस से दुश्मत के दांत खंट्टे कर दिए थे। अपने आखरी साँस तक दुश्मनो को धूल चटाई थी। जबतक उन्हें पूरी तरह घायल नहीं किया गया अपने सैनिक और पोस्ट  बचाव करते रहे थे। उस युद्ध में वह लापता हुए थे। तो चलिए Subedar Joginder Singh History बताना शुरू करते है। 

Subedar Joginder Singh Biography In Hindi –

Full Name सूबेदार जोगिन्दर सिंह
Date of birth 26 सितम्बर, 1921
Birth place मेहाकलन गाँव, मोगा, पंजाब
Army ब्रिटिश भारतीय सेना
Rank सूबेदार
Unit सिख रेजीमेंट
Service time 1936-1962
Death (आयु 41) 23 अक्तूबर, 1962 
War
भारत-चीन युद्ध (1962)
1947का भारत-पाक युद्ध
Awards परमवीर चक्र
Nationality नागरिकता भारतीय

सूबेदार जोगिंदर सिंह का जन्म –

सूबेदार जोगिंदर सिंह की जीवनी में बतादे की 28 सितंबर 1921 को पंजाब में मोगा के गाँव मेहाकलन जोगिंदर सिंह का जन्म हुआ था। उनके माता का नाम बीबी कृष्ण कौर और पिता का नाम शेर सिंह था। अपने माता पिता के प्यार में उन्होंने अपना बालयकाल गांव में बिताया था । अपने घर की परिस्थिति कुछ ठीक नहीं होने के कारन उन्होंने अपनी पढाई पूर्ण नहीं की थी। इसी लिए उन्होंने सेना में भारती होने का फैसला लिया था। सूबेदार जोगिन्दर सिंह का यह मानना था। की सेना में ही उनकी जगह हो सकती है। सिंह की शादी बीबी गुरदयाल कौर से हुई थी। वह सैनी सिख परिवार से बिलोंग करती थी। 

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Subedar Joginder Singh Military Career –

Joginder Singh ने ब्रिटिश भारतीय सेना में सिख रेजिमेंट के बटालियन फस्ट में तैनात किया गया था। उन्होंने 28 सितंबर 1936 के दिन सेना में शामिल हुए थे। सेना शिक्षा परीक्षा पास करके यूनिट शिक्षा प्रशिक्षक के रूप में नियुक्त हुए थे। उनकीवर्दी और ड्रिल का रख रखाव बहुत अच्छा था। की कि उनका Examples दुसरो को दिए जाते थे। सिंह ने द्वितीय विश्व युद्ध में भारत की और से ब्रिटिश इंडियन आर्मी के लिए बर्मा जैसे मोर्चो पर लड़े थे। एव भारत-पाकिस्तान 1947-1948 युद्ध के दौरान श्रीनगर में मुकाबला करने वाली सिख रेजीमेंट में शामिल हुए थे। 

भारत-चीन युद्ध में सूबेदार जोगिंदर सिंह – 

जब चीन की आर्मी ने हमारे भारत पर हमला कर दिया था। उसने पूर्वी सीमा और अक्साई चिन पर अपना होने का दावा किया था। चीन की सेना ने अपने थगला रिज पर अपना हक जमा दिया था। प्रधानमंत्री नेहरू और रक्षा मंत्री वी. के. कृष्ण मेनन की परमिशन से 22 सितंबर को सेनाध्यक्ष को हुक्म दिए थे। कि थगला से चीनी सेनिको को कुछ भी करके खदेड़ा दे। भारतीय सेना की IV Corps ने  उस मुश्किल काम के लिए अपनी बटालियन को इकट्ठा किया था। लेकिन चीन सेना ज्यादा मजबूत स्थिति हुआ करती थी। उस समय चीन को तवांग मुल्क पर अपना हक स्थापित करना था। उसे सु मकसद में रोकने का काम भारतीय सेना की सिख बटालियन को दिया गया था। 

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सुबेदार जोगिंदर सिंह की भूमिका –

भारत -चीन के युद्ध का 23 अक्तूबर 1962 का दिन था। रिज के पास नेफा में टोंग पेन में अपनी टुकड़ी के साथ सूबेदार जोगिन्दर सिंह तैनात थे। सावेर 05:30 के समय पर चीन की सेना ने बूमला पर जबरदस्त आक्रमण कर दिया था। सैन्य का मुख्य उदेश्य टोवांग तक पहुँचने का था। चीन फौज ने तीन हमलो में उन मोर्चे पर धावा बोल दिया था। हर वक्त जवानो की संख्या तक़रीबन दो सौ से भी ज्यादा थी। फस्ट हमला सूबेदार जोगिन्दर सिंह की बटालियन बहादुरी से सामना करती रही।

उसमे चीन सैन्य को कुछ भी हासिल नहीं हुआ था। और दूसरी और भहारी नुकसान का सामना करना पड़ा था। फिर तोड़े वक्त के बाद दूसरा वह भी जोगिन्दर सिंह ने अपनी बहादुरी एव ताकत से सामना लिया था। उन्होंने जो बोले सो निहाल बोल के दुश्मन कइ छक्के छुड़ा दिए थे। मगर दूसरा हमला वीर जोगिन्दर की आधी से भी ज्यादा बटालियन को साफ कर गया था। 

सुबेदार जोगिंदर सिंह को गोली लगी –

सूबेदार जोगिन्दर सिंह हौसला नहीं हारे थे। लेकिन वह खुद भी घायल थे। क्योकि उनकी जाँघ में एक गोली लग गयी थी।  उसके बाद भी वह जिद में खड़े थे। उन्होंने घायल होते हुए भी युद्ध मैदान नहीं छोडा था। उसी कारन अपने नेतृत्व में साहस और उनकी हिम्मत को देख कर उनकी बटालियन भी पूरी तरह उनके साथ खड़ी थी। लेकिन उनके कुछ जवान जख्मी हुए थे। दूसरी और दुश्मनी सेना ने तीसरी वक्त आक्रमण कर दिया। फिर से वीर जोगिन्दर ने अपनी मशीनगन से गोलिया बरसाना शुरुर करदी।

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बेयोनेट लेकर चीनी सैनिकों को मारा –

कुछ वक्त के बाद जोगिन्दर सिंह की पलटन के पास बारूद खत्म हो गया था। जोगिन्दर सिंह ऐसी परिस्थिति में चुके की उनके पास गोलियों का भण्डार भी खत्म हो चूका था उस समय पीछे हटने जाने की बजाय उन्होंने अपनी बंदूकों पर चाकू लगाकर एक खंजर के जैसे उपयोग करते हुए। दुश्मन सैन्य को काटते ही जाते थे। उन्होंने सत श्री अकाल और जो बोले सो निहाल के नारे लगते हुए। चीनी जवानो का खत्मा करना शुरु कर दिया था। लेकिन घायल वीर जोगिंदर सिंह को युद्धबंदी बनालिया गया था। उसमे युद्ध में मौजूद तीन सैनिक बच निकले थे। उन्होंने वापस आ करके उस शेरे हिंदुस्तान की कहानी सबको बताई थी।  

Param Vir Chakra –

वीर सूबेदार जोगिन्दर सिंह को उनके देहांत के बाद भारत सरकार ने परमवीर चक्र से सम्मानित किया था। चीनी सैन्य ने मिलिटरी सम्मान के साथ उनके अस्थि कलश को 17 मई 1963 को भारतीय सेना को सौप दिया गया था । उनके अस्थि कलश को मेरठ स्थित सिख रेजिमेंटल सेंटर भेजा गया। बाद में गुरुद्वारा साहिब ले गए। और उनके बेटे एव विधवा पत्नी गुरदीयल कौर को सौप दिया गया।भारतीय सेना उनकी अद्वितीय वीरता और युद्ध कौशल के लिए गवाह बनी आईबी रिज पर उनके याद में मेमोरियल बनाया है।

Subedar Joginder Singh Movie –

जोगिंदर सिंह का रोल गिप्पी ग्रेवाल ने और जोगिंदर सिंह के जीवन के तीन हिस्सों को फिल्माया गया है। एक  युवा फौजी जोगिंदर सिंह, जो बर्मा के मोर्चे पर युद्ध लड़ता है। दूसरा जोगिंदर एक परिवार है, एक बेटी है और तीसरा  जिसमें जोगिंदर सिंह फौजी होते है। उसको डायरेक्टर सिमरजीत सिंह बनाय है। जोगिंदर सिंह की वाइफ गुरदयाल कौर का अभिनय अदिति शर्मा ने निभाया है। कमांडर मान सिंह का ही किरदार गुगु गिल ने किया है। अगर आप चाहते है तो Subedar Joginder Singh Movie Download भी कर सकते है। 

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Subedar Joginder Singh Biography Video –

Subedar Joginder Singh Interesting Facts –

  • सूबेदार जोगिंदर सिंह ने 1962 के भारत-चीन युद्ध में असाधारण वीरता के लिए परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था। 
  • जोगिंदर सिंह को युद्धबंदी बनाने वाली चीनी सेना ने भी सम्मान दिया था। 
  • सूबेदार जोगिंदर सिंह के माता पिता का नाम किसान शेर सिंह और बीबी कृष्ण कौर था। 
  • 28 सितंबर 1936 को सूबेदार जोगिंदर सिंह भारतीय सेना में सिख रेजीमेंट में सिपाही के पद पर तैनात हुए थे। 
  • जोगिंदर सिंह ने अपनी बंदूकों पर बेयोनेट यानी चाकू लगाकर, ‘जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के नारे लगाए चीनी सैनिकों को मार गिराया था। 

सुबेदार जोगिंदर सिंह के प्रश्न –

1 .joginder singh kaha ke rehne wale h ?

सूबेदार जोगिंदर सिंह पंजाबी मोगो रहने वाले थे। 

2 .joginder singh kahan ke sahitya hai ?

जोगिंदर सिंह पंजाबी साहित्य है। 

3 .amarjeet singh son of joginder singh ?

हा जोगिंदर सिंह के बेटे का नाम अमरजीत सिंह है। 

4 .सूबेदार जोगिंदर सिंह को परमवीर चक्र कब दिया गया ?

जोगिंदर सिंह की मौत के बाद उन्हें परमवीर चक्र से सन्मानित किया गया था। 

5 .सूबेदार जोगिंदर सिंह की पत्नी का नाम क्या था ?

बीबी गुरदयाल कौर जोगिंदर सिंह की पत्नी थी। 

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Conclusion –

आपको मेरा Subedar Joginder Singh Biography In Hindi बहुत अच्छी तरह से समज आया होगा। 

लेख के जरिये Subedar Joginder Singh songs और Subedar Joginder Singh punjabi movie से सबंधीत  सम्पूर्ण जानकारी दी है।

अगर आपको अन्य व्यक्ति के जीवन परिचय के बारे में जानना चाहते है। तो कमेंट करके जरूर बता सकते है।

हमारे आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ शयेर जरूर करे। जय हिन्द।

Note आपके पास सूबेदार जोगिंदर सिंह की Information हैं। या दी गयी जानकारी मैं कुछ गलत लगे तो तुरंत हमें कमेंट और ईमेल मैं लिखे हम इसे  अपडेट करते रहेंगे धन्यवाद 

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