Mariyappan Thangavelu Biography In Hindi – मरियप्पन थंगावेलु की जीवनी

आज के हमारे लेख में आपका स्वागत है। नमस्कार मित्रो आज Mariyappan Thangavelu Biography In Hindi, में आपको भारत के एथलेटिक्स के एक खिलाडी मारियप्पन थान्गावेलु का जीवन परिचय बताने वाले है।

मारियप्पन भारत के सबसे उत्तम और महान खेल पैरा के हाई जम्प के बेस्ट खिलाडी है। मारियप्पन ने साल 2016 में रियो में हुए पैरालिम्पिक खेल में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। आज mariyappan thangavelu father name क्या है ? , mariyappan thangavelu personal life और mariyappan thangavelu sports की सम्पूर्ण जानकारी बताने वाले है। 

मारियप्पन ने रियो पैरालिम्पिक खेल में पुरुष वर्ग की हाई जम्प की प्रतियोगिता में T-42 केटेगरी में गोल्ड मैडल जीत। भारत का नाम बहुत ऊँचा कर दिया है। वर्ष 2004 के बाद सिर्फ paralympics mariyappan thangavelu खिलाड़ी है। जिन्हें इस खेल में गोल्ड मैडल मिला है। उन्होंने 1.89 m की परफॉरमेंस के साथ सैम ग्रेव और वरुण भाटी को पीछे छोड़ के दिखा दिया था। तो चलिए उनकी सम्पूर्ण माहीती बताते है। 

Mariyappan Thangavelu Biography In Hindi –

  नाम

  मारियप्पन थान्गावेलु

  जन्म

  28 जून, 1995

  जन्म स्थान

  सालेम जिला, तमिलनाडु

  माता

  सरोजा

  कोच

  सत्यनारायण

  खेल

  एथलेटिक्स

  नागरिकता

  भारतीय

  भाई

  1. कुमार 2.गोपी

  बहन

  सुधा

  उम्र

  21 साल

मरियप्पन थंगावेलु की जीवनी –

स्कूल के समय से ही मारियप्पन खेलों के प्रति रूचि रखते थे, वे वॉलीबॉल और अन्य खेल खेला करते थे , मरियप्पन ने छात्रवृत्ति के सहारे पर ए.वी.एस. महाविद्यालय से बीबीए की डिग्री प्राप्त की थी। इसी महाविद्यालय के द्रविड़ शारीरिक शिक्षा निदेशक ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें प्रोत्साहन दिया। इसके बाद बैंगलुरू के द्रविड प्रशिक्षक सत्या नारायण ने मरियप्पन को दो साल तक हर महीने 10 हज़ार रुपए और प्रशिक्षण दिया था। 

mariyappan thangavelu history की बात करे तो उनका जन्म 28 जून, 1995 को तमिलनाडु के सालेम जिले में हुवा था। मारियप्पन की माता का नाम सरोजा था. मारियप्पन थान्गावेलु पांच भाई बहन है और उसमे उनकी एक ही बहन थी और वो चार भाई थे। मारियप्पन को बचपन से ही आर्थिक परेशानीयों का सामना करना पड़ा था। 

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मारियप्पन थान्गावेलु के प्रारंभिक जीवन –

गरीब परिवार में जन्मे मारियप्पन का पालन पोषण उनकी माँ ने अकेले किया। mariyappan thangavelu family की ज़िम्मेदारी उनकी माँ के उपर थी वे एक मजदुर के रूप में ईंट उठाने का काम करती थी। तबियत ख़राब होने के कारण उनकी माँ ने फिर कुछ समय बाद सब्जी बेचने का काम शुरू कर दिया था , रोज की आमदनी 100 रुपय की थी , जिससे बड़ी मुश्किलों से परिवार का भरन पोषण होता था , मारियप्पन सुबह अपने स्कूल जा रहा था तभी एक बस ने मरियप्पन को जोर से टक्कर मार दी। इस हादसे में मारियप्पन का एक पैर पूरी तरह कट गया था ।

तब उनकी उम्र 5 साल थी और तब उनके परिवार ने 17 वर्ष तक अदालत के कई चक्कर काटे थे और उसके बाद जाकर मरियप्पन के परिवार को 2 लाख रुपए मुआवज़ा मिला था । उस मेसे वकिलोकि फ़ीस में ही उनके 1 लाख रूपये चले गये थे। और बाकी के 1 लाख रुपए सरोज अम्मा ने मरियप्पन के भविष्य के लिए एक बैंक खाते में जमा कर दिए।

सरोजा देवी ने mariyappan thangavelu के इलाज के लिए 3 लाख का ऋण लिया था जो 2016 तक चुकाया नहीं गया है। परिवार में पैसो तंगी के कारन बड़े भाई ने स्कुल जाना छोड़ दिया। मारियप्पन को उनकी स्कुल से स्कॉलरशिप मिली थी , मारियप्पन ने अपना पैर गवाने पर भी हिम्मत नहीं हरी और अपने स्कुल की शिक्षा पूरी करली थी ।

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मारियप्पन का खेल करियर –

उन्हें अपने बचपन से ही वॉलीबॉल खेलना बहुत ही पसंद था , उनका एक पैर नहीं होने के बावजूद भी वो वॉलीबॉल खेल खेलते थे , जब मारियप्पन वॉलीबॉल खेल रहे ते तभी उनके शिक्षक उनको कहा की एक बार ऊँची कूद में भी हिस्सा लो मारियप्पन को बात जंच गई और 14 साल की उम्र में इन्होंने पहली बार ऊंची कूद की प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लिया वो भी सामान्य एथलीटों के खिलाफ। उस प्रतिस्पर्धा में वे दूसरे स्थान पर रहे।

मारियप्पन के शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षक स्कूल में ही मिली थी , और आर राजेन्द्रम’ ने उनकी thangavelu mariyappan high jump खेल की प्रतिभा को बहुत ही अच्छी तरह से जान लिया था और उसीकी वजह से आर राजेन्द्रम’ ने मारियप्पन को हाई जम्प की सभी अलग अलग प्रतिस्पर्धा में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। 14 साल की उम्र में अपनी पहली ही प्रतियोगिता में मारियप्पन ने बाकि सक्षम शरीर एथलीटों के सामने दूसरा स्थान प्राप्त किया।

इस जीत के बाद वे मारियप्पन अपने जिला व् स्कूल के सभी लोगों की नजर में आ गए, और सबको अचंभित कर दिया। मारियप्पन को प्रशिक्षक ने भी साल 2013 में उनको उनकी प्रतिभा के लिए बहुत ही मदद की थी , और फिर मारियप्पन ने बेंगलुरु में होने वाले भारतीय राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप’ में हिस्सा लेने की थान ली और वो उसमे हिस्सा लेने पहुंच गये थे। 

मारियप्पन no 1 हाई जम्प खिलाड़ी बन गए –

इस समय mariyappan thangavelu की उम्र मात्र 18 साल यहाँ उन्हें भारत के एथलीट सत्यनारायण जी ने देखा, और उनकी प्रतिभा को जान कर उन्हें अपने साथ 10 हजार प्रति माह पर रख लिया और प्रशिक्षण भी देने लगे। सत्यनारायण भारत के एक और पैरा एथलीट वरुण भाटी के भी कोच है. मारियप्पन ने अपने परिवार की गरीबी परिस्थिति को देखा और उसके बाद उन्होंने बहुत ही कठिन ट्रेनिंग ली और उसके बाद साल 2015 में मारियप्पन सीनियर लेवल की प्रतियोगिता में उतरे, और अपने पहली ही साल में वे विश्व के नंबर 1 खिलाड़ी (हाई जम्प) बन गए। 

मार्च 2016 में ट्यूनिशिया में आईपीसी ग्रां प्री में टी 42 स्पर्धा में 1.78 मीटर की छलांग लगाकर मरियप्पन ने रियो दी जेनेरियो में होने वाले पैरालंपिक खेलों में भाग लेने का हक हासिल किया। इस मौके पर ही मरियप्पन ने भरोसा दिलाया था कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो वह देश के लिए सुनहरी सफलता हासिल कर सकते हैं। तुनिषा में आयोजित 2016 आईपीसी ग्रांड प्रिक्स’ में पुरुष वर्ग की हाई जम्प T-42 में उन्होंने ने 1.78 m के रिकॉर्ड के साथ अपना बहुत ही अच्छा परफॉरमेंस दिखाया था। 

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मारियप्पन के रिकॉर्ड –

T-42 इवेंट के अंदर ऐसे एथलीट आते है जिनके शरीर का कोय अंग नहीं होता या तो फिर पैरों की लम्बाई में फर्क हो. मारियप्पन ने पैरालिम्पिक में जाने के लिए खुद के द्वार खोल लिए थे क्योकि मारियप्पन ने आईपीसी ग्रांड प्रिक्स’ में बहुत ही ऊँची छलांग लगाए थी वहां जाने के लिए 1.60 m पर A मार्क मिलता है. लेकिन मारियप्पन ने तो 1.78 m का रिकॉर्ड दर्ज करवाया।  यहीं से सबको उम्मीद थी कि मारियप्पन पैरालिम्पिक में तीसरा स्वर्ण पदक लाने सक्षम होंगें. इसके पहले 1972 में तैराकी में मुरलीकान्त पेटकर एवं सन 2004 में भाला फेंक में देवेन्द्र झाझड़िया को स्वर्ण पदक मिला थामारियप्पन ने पैरालिम्पिक में अपनी जित हासिल करली और उनको तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता जी ने तमिलनाडु सरकार की और से 2 करोड़ देने की घोषणा की थी।

मारियप्पन को भारत देश के खेल मंत्रालय ने भी पैरालिम्पिक में गोल्ड मैडल विजेता को 75 लाख की राशी देने की घोषणा की थीमारियप्पन ने पैरालिम्पिक से जीते हुए पैसो में से 30 लाख रूपये वो जो सरकारी स्कूल में पढ़े थे वह देने की घोषणा की थी और ,मारियप्पन चाहते है उस स्कूल में सभी बचो को अच्छी शिक्षा और सुविधा मिले। 

मारियप्पन का परिवार बहुत्व गरीब था –

बहुत ख़राब ख़राब आर्थिक परेशानियां से गुजरे है मारियप्पन ,उनके परिवार वालों ने ऐसा भी समय देखा है। जब उनके सर पर छत तक नहीं थी। उनके परिवार को कोई किराए पर घर नहीं देता था।  पैरालिम्पिक में जाते समय भी मारियप्पन अपने परिवार के साथ एक बहुत छोटे से किराये के घर में रहते थे. लेकिन इस जीत के बाद मारियप्पन की ज़िन्दगी बदल गई। शरीर का कोय भी अंग अगर ना होतो लोग अपनी हिम्मत और होसला खो देते है। लेकिन मरियप्पन अपनी टांग नहीं होनेका अफ़सोस नहीं किया बल्कि उसने अपनी कमजोर टांग को ही अपनी ताकत बना लिया देश के लिए अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी सफलता हासिल की। मरियप्पन का ट्रक की टक्कर से पूरा पैर कुचल गया था लेकिन पैर का अंगूठा कुछ ज्यादा बढ़ गया। 

उनके अंगूठे की वजह से मरियप्पन को छलांग लगाने में बहुत ही आसानी और मदद मिलती थी मरियप्पन अपने इस अंगूठे को अपना भगवान मानते हैं और उनके इसी भगवान ने उनकी हर मुश्किल को आसान कर दिया। 

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मारियप्पन को मिले पुरस्कार –

  • पद्म श्री (2017) – भारत का चौथा उच्चतम राष्ट्रीय सम्मान
  • तमिलनाडु सरकार की ओर से à 2 ¤ 2 à à à à ¡¤ ¼ (यूएस $ 3,10,000)
  • युवा मामलों और खेलों के मंत्रालय से 75% से अधिक (यूएस $ 120,000)
  • सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय से 30% से अधिक राशि (यूएस $ 47,000)
  • सचिन तेंदुलकर द्वारा स्थापित निधि से 15,000,000 डॉलर (23,000 अमेरिकी डॉलर) विभिन्न निगमों
  • यशराज फिल्म्स से 10 लाख रुपये से अधिक (यूएस $ 16,000)
  • दिल्ली गोल्फ क्लब से 10 लाख रुपये से अधिक (यूएस $ 16,000)
  • अनिवासी भारतीय व्यापारी सेबस्टियन से 5 साल की अवधि में 7,800 डॉलर

Mariyappan Thangavelu Social Media Profile –

Facebook – https://www.facebook.com/mariyappanthangavelu2016/

Email Id – Not Available

WhatsApp Number – Not Available

Official Website – Not Available

Twitter – https://twitter.com/189thangavelu

Mariyappan Thangavelu Instagram –

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Mariyappan Thangavelu Life Style Video –

Mariyappan Thangavelu Interesting Facts –

  • मारियप्पन को भारत के सबसे उत्तम पैरा के हाई जम्प के बेस्ट खिलाडी है। 
  • 2016 में रियो में हुए पैरालिम्पिक खेल में भारत का प्रतिनिधित्व मारियप्पन ने किया था।
  • 28 जून, 1995 के दिन तमिलनाडु के सालेम जिले मारियप्पन जन्म थे।
  • मारियप्पन को एक बस ने टक्कर मार दी। इस से एक पैर पूरी तरह कट गया था ।
  • 17 वर्ष तक अदालत के चक्कर काटे,तब मरियप्पन के परिवार को 2 लाख रुपए मुआवज़ा मिला था । 
  • स्कूल के समय से ही मारियप्पन खेलों के प्रति रूचि रखते थे, वे वॉलीबॉल और अन्य खेल खेला करते थे।
  • मरियप्पन ने छात्रवृत्ति के सहारे पर ए.वी.एस. महाविद्यालय से बीबीए की डिग्री प्राप्त की थी।
  • 14 साल की उम्र में मारियप्पन ने पहली बार ऊंची कूद की प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लिया था ।

मारियप्पन के प्रश्न –

1 . मारियप्पन थान्गावेलु का जन्म कब और कहा हुवा था ?

मारियप्पन थान्गावेलु के जन्म 28 जून, 1995 को तमिलनाडु के सालेम जिले में हुवा था।

2 . मारियप्पन थान्गावेलु के माता कौन है ?

मारियप्पन थान्गावेलु के माता का नाम सरोजा था 

3 . मारियप्पन थान्गावेलु की माताजी उनके परिवार का भरण पोषण कैसे करती थी ?

मारियप्पन की माँ ने ईंट उठाने का और सब्जी बेचने का काम करके परिवार का पोषण करती थी। 

4 . मारियप्पन थान्गावेलु कितने भाई – बहन थे ?

thangavelu mariyappan पांच भाई बहन है और उसमे उनकी एक ही बहन थी और वो चार भाई थे।

5 . मारियप्पन थान्गावेलु का पैर कैसे कटा था ?

मारियप्पन को एक बस ने टक्कर मार इसी कारन उनका एक पैर पूरी तरह कट गया था ।

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Conclusion –

आपको मेरा यह आर्टिकल Mariyappan Thangavelu Biography In Hindi.आपको बहुत अच्छी तरह पसंद आया होगा। इस लेख के जरिये  हमने mariyappan thangavelu story से सबंधीत सम्पूर्ण जानकारी दे है। अगर आपको इस तरह के अन्य व्यक्ति के जीवन परिचय के बारे में जानना चाहते है। तो आप हमें कमेंट करके जरूर बता सकते है। हमारे इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ शयेर जरूर करे। जय हिन्द ।

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