Yuvraj Singh Biography In Hindi – युवराज सिंह की जीवनी

आज के हमारे लेख में आपका स्वागत है। नमस्कार मित्रो आज हम Yuvaraj Singh Biography In Hindi,में भारतीय क्रिकेट टीम के आंतरराट्रीय बल्लेबाज युवराजसिंह का जीवन परिचय देने वाले है। 

युवराज भारतीय क्रिकेट के सुपरमॉडल है। कहा जाता है युवराज अगर अच्छे फार्म में हैं तो उनसे ज्यादा खतरनाक और निर्दयी बल्लेबाज कोई नहीं हो सकता है। हम आज yuvraj singh age,yuvraj singh ipl 2021 और yuvraj singh stats से जुडी सभी जानकारी देने वाले है। युवराज वनडे क्रिकेट में 6 छक्के लगाने वाले एकमात्र भारतीय बल्लेबाज हैं।

 वह सिक्सर किंग के नाम से भी जाने जाते है। युवराज का क्रिकेट कैरियर कई उतार चढ़ाव से गुजरा है। इस दौरान उन्होंने कई संघर्ष भी किये है। कैरियर को लेकर, परिवार को लेकर और जीवन को लेकर, पर इन संघर्षों में वे बार बार विजेता बन कर उभरे हैं। वह स्लो लेफ्ट आर्म गेंदबाज है। 2011 के विश्वकप के असल आर्किटेक्ट भी युवराज ही है। तो चलिए युवराज सिंह के कितने शतक हैं ? और युवराज सिंह कैंसर स्टेज की जानकारी भी बताते है। 

Yuvraj Singh Biography In Hindi –

नाम

 युवराजसिंह ( yuvi )

 जन्म

 12 दिसंबर 1981

yuvraj singh father

 योगराज सिंह

 माता

 शबनम सिंह

yuvraj singh wife

 हेजल

Yuvraj Singh Birth and Childhood –

पिता भूतपूर्व क्रिकेटर योगराज ( yuvi ) सिंह और माता शबनम सिंह के यहाँ 12 दिसंबर 1981 को इनका जन्म हुआ था। उनके पिता ने फिल्मों में भी अभिनय किया है। युवराज ने बचपन में दो फिल्मों में काम किया है। उनके माता पिता के अलग हो जाने के बाद युवराज ने पिता के साथ रहना शुरू किया था। बचपन में युवराज को टेनिस और रॉलर स्केटिंग बहुत पसंद था। अंडर14 का रॉलर स्केटिंग प्रतियोगिता भी युवराज ने जीती थी। लेकिन वह पिता योगराज सिंह को पसंद नहीं था। 

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Yuvaraj Career –

युवराज ने महज 11 वर्ष से ही पंजाब के लिए खेलना आरंभ कर दिया था। हिमाचल प्रदेश के साथ खेलते हुए युवराज ने शतक लगाया और उनकी प्रतिभा को देखते हुए पंजाब क्रिकेट एसोशियेसन ने उन्हें अंडर 19 में खेलने को कहा था। युवराज ने पहली बार फर्स्ट क्लस क्रिकेट 1997 में खेलना शुरू किया। लेकिन वो शुन्य पर आउट हो गये थे। जमशेदपुर में बिहार के खिलाफ खेलते हुए 358 रनों की बेमिसाल पारी खेली थी। 

 बिहार की पूरी पारी 357 रन पर आल आउट हो गई थी। इसके बाद युवराज को अंडर 19 टीम में श्रीलंका दौरे के लिए चुना गया और वहाँ भी युवराज का खेल चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। yuvraj singh father – 2000 में अंडर 19 वर्ल्ड कप में युवराज ने शानदार प्रदर्शन किया और इसी के दम पर 2000 आईसीसी नॉक आउट ट्रॉफी में चुने गये थे। इसी प्रतियोगिता में युवराज ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ 84 रन बनाये।

जिम्बाबवे टूर के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। फिर 2001 में कोका कोला कप में श्रीलंका के खिलाफ 98 रन की पारी खेलकर फार्म में आये। लेकिन बाद में फार्म फिर से बिखर गया और इंग्लैंड के दौरे पर नहीं जा पाये। इसके बाद युवराज ने घरेलू क्रिकेट में अपना ध्यान दिया, वहाँ पर कई अच्छी पारियों को खेलने के बाद 2002 के इंग्लैंड दौरे पर फिर से चुने गये। 

Yuvaraj Success –

2002 में नैटवेस्ट सीरीज युवराज के जीवन की एक काफी महत्वपूर्ण पारियों में से थी. 13 जुलाई को इंगलैण्ड और भारत के मध्य खेले जा रहे फाइनल मैच में भारत लगभग हार की कगार पर था, लेकिन युवराज और कैफ की जोड़ी ने भारत को वो मैच जीता दिया। क्रिकेट के इतिहास में ये मैच रोमांचक मैचों की श्रृंखला में दर्ज है। 2003 से 2005 तक युवराज का प्रर्दशन काफी औसत रहा था। 

विश्वकप में सिर्फ एक मैच में अर्द्धशतक लगा पाये युवराज बाकी मैंचो में नहीं चल पाये. 2003 में ही बंगलादेश के खिलाफ पहला शतक लगाया।  2004 के आरंभिक मैचों में युवराज फार्म में रहे और दल में  शामिल किया गया था।  सबसे बेहतरीन पारी युवराज ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में खेले थे।  उन्होंने 116 गेंदो पर 139 रन बनाया था। 

इसके बाद पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच में चुन लिये गये और युवराज ने शुरूआती टेस्ट में एक शतक भी लगाया. युवराज के अच्छे फार्म में न रहने के बावजूद उन्हें टीम में रखा गया. 2005 से 2007 युवराज के कैरियर का अब तक का सबसे महत्वपूर्ण समय रहा है. इस दौर में युवराज लगातार अच्छा खेले. जिसमें पाकिस्तान के साथ पांच मैंचो की श्रृंखला भी है। 

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Yuvaraj 20 वर्ल्ड कप –

 फिनिशर का टैग भी दिया जाने लगा. पर टेस्ट क्रिकेट में युवराज इस दौर में भी कुछ खास नहीं कर पाये और 2006 में साउथ अफ्रीका जाने वाले दल में उन्हें नहीं रखा गया। 2007 के वर्ल्ड कप में बांगलादेश से हारने के बाद पूरे देश में भारतीय टीम की खिंचाई होने लगी। उसी साल टी 20 वर्ल्ड कप टीम का उन्हें उप कप्तान नियुक्त किया गया.इससे पहले विश्वकप में युवराज ने शानदार प्रदर्शन किया और इंगलैण्ड के खिलाफ सिर्फ 12 गेंदो में अर्द्धशतक पूरा करने का रिकार्ड अपने नाम किया था। 

इस प्रदर्शन के लिए बीसीसीआई ने उन्हें विशिष्ट उपहार भी दिये. उसी साल सचिन के घायल होने के कारण बंगलोर टेस्ट में उनको शामिल किया गया, जिसमें उन्होंने अपने जीवन का सर्वाधिक स्कोर 169 बनाया. 2011 विश्वकप तक युवराज के कैरियर में इसी तरह उतार चढ़ाव चलता रहा. 2011 विश्वकप में उनके दल में शामिल होने पर कई लोगों ने आपत्ति दर्ज किया. इन सबके बावजूद युवराज ने शानदार प्रर्दशन किया और भारत को दूसरा विश्वकप दिलाया। 

वल्ड कप जितने में युवी की भूमिका – 

मीडिया साइट ट्विटर पर बुधवार को ट्रेंड करता देख सबसे पहले हैरानी हुई. आखिर, युवराज सिंह को क्या हुआ? फिर पता चला कि 2019 में 10 जून को ही युवराज ने अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा था.ऐसा दावा किया जा रहा है कि फैंस को युवराज की कमी अखर रही थी इसलिए उन्होंने अपनी भावनाओं का इज़हार किया, लेकिन सोशल मीडिया, एंजेट और इनफ्लुएंसर्स के दौर में सिर्फ किसी ट्रेंड पर अचानक से यकीन नहीं किया जा सकता है। 

खैर, मूल बात इस ट्रेंड की यही रही है कि युवराज कितने महान खिलाड़ी थे और कैसे उन्होंने कैंसर से संघर्ष करके मैदान में वापसी की.2007 टी20 वर्ल्ड कप में 6 छक्के लगाए और 2011 वर्ल्ड कप में जीत में अहम किरदार निभाया. ये सारी बातें बिल्कुल सहीं है और युवराज लाखों लोगों के लिए प्रेरणा के स्त्रोत भी हैं। 

युवी की कुछ बाते –

युवराज सिंह आज 37 साल के हो चुके हैं। क्रिकेटर योगराज सिंह और शबनम सिंह के पुत्र युवराज सिंह का जन्म 12 दिसंबर 1981 को चंडीगढ़ में हुआ था। युवराज सिंह का एक भाई है जिसका नाम जोरावर सिंह है। और हॉलीवुड एक्ट्रेस yuvraj singh wife name हेजल कीच हैं। युवराज सिंह को भारत सरकार ‘अर्जुन अवार्ड’ से सम्मानित कर चुकी है। साल 2014 में सरकार ने इन्हें पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित किया था। लोग इन्हें प्यार से युवी कहकर बुलाते हैं।

2011 में युवी का वर्ल्ड कप जीतने का खुमार अभी उतरा भी नहीं था और उनके बाएं फेंफडे़ में कैंसर हो गया। युवराज सिंह कैंसर की बेहद नाजुक स्थिति को देखकर लगा कि वह दोबारा मैदान पर नहीं लौटेंगे, लेकिन युवी ने एक चैंपियन की तरह कैंसर को मात दी। युवराज सिंह को बचपन में टेनिस और रोलर स्केटिंग का शौक था। युवी ने अंडर-14 रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप भी जीती थी, लेकिन पिता योगराज उन्हें क्रिकेटर बनाना चाहते थे।

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Yuvaraj अंडर-19 –

युवराज ने पिता का सपना पूरा किया और पिता से ही क्रिकेट की ट्रेनिंग ली। युवराज सिंह की स्कूलिंग डीएवी स्कूल, चंडीगढ़ से हुई। उन्होंने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट दो फिल्मों ‘मेहंदी सगण दी’ और ‘पट सरदार’ में भी काम किया। युवराज सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 11 साल की उम्र में पंजाब अंडर-12 से नवंबर 1995-96 में जम्मू कश्मीर-16 के खिलाफ की थी। 

अंडर-19 वर्ल्ड कप में बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत युवराज सिंह को आईसीसी नॉक आउट ट्रॉफी के लिए टीम इंडिया में जगह मिली। यहां से उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की और केन्या के खिलाफ पहला वनडे मैच खेला। अक्तूबर 2013 से युवराज ने इंटरनेशनल टेस्ट मैच में डेब्यू किया। yuvaraj सिंह अंडर-19 वर्ल्ड कप में चैंपियन बनने वाली भारतीय टीम का हिस्सा भी रहे हैं।

Yuvaraj ने फिल्मो में किया था –

युवराज ने बचपन में एक पंजाबी फिल्म में भी काम किया था। उन्होंने पंजाबी फिल्म ‘मेहंदी शगना दी’ में काम किया था। इस फिल्म में युवी के पिता और पूर्व क्रिकेटर योगराज सिंह भी थे। yuvaraj के पिता भी कई हिंदी और पंजाबी फिल्मों के काम कर चुके हैं। योगराज सिंह मिल्खा सिंह के जीवन पर बनी हिंदी फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ में नजर आए थे। युवराज सिंह अपनी स्पिन गेंदबाजी के लिए भी लोकप्रिय हैं।

टेस्ट क्रिकेट में 9, वनडे इंटरनेशनल में 111 और टी20 इंटरनेशनल में 28 विकेट उनके नाम पर हैं। yuvaraj ने अपने इंटरनेशनल करियर का आगाज अक्टूबर 2000 में नैरोबी में केन्या के खिलाफ वनडे मैच खेलकर किया था। उन्होंने अपना पहला टेस्ट मैच अक्टूबर 2003 में अपने होमग्राउंड मोहाली में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था।

युवी का पहेली नजर में ही प्यार हो गया था –

yuvaraj को हैजल कीच पहली नजर में ही पसंद आ गई थीं। दरअसल उनकी और हैजल की पहली मुलाकात एक कॉमन दोस्त के जरिए हुई थी। युवराज हर बार इशारों-इशारों में अपने दिल की बात हैजल तक पहुंचा रहे थे लेकिन हेजल की ओर से कोई इशारा नहीं मिल रहा था। खैर मैदान पर बड़े-बड़े गेंदबाजों के छक्‍के छुड़ाने वाला यह धाकड़ बल्‍लेबाज कहां हार मानने वाला था। युवराज लगातार कोशिश करते रहे और आखिरकार लंबे संघर्ष के बाद वो कामयाब हो ही गए।

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कोफ़ी डेट पर गुगली कर देती थी हेजल –

हैजल से इजहार ए इश्‍क के लिए युवराज को कई पापड़ बेलने पड़े। yuvaraj हर बार हैजल को कॉफी डेट के लिए तैयार कर लेते थे। हालांकि हैजल ने भी कॉफी डेट के लिए yuvaraj को कभी मना नहीं किया। वो हर बार कॉफी पर जाने के लिए हां कह देती थीं लेकिन जिस दिन जाना होता था उस दिन फोन नहीं उठाती थीं। कई बार तो वो अपना फोन ऑफ कर देती थीं।

टेस्ट मैच जैसा मिला फेसबुक पर रिस्पॉन्स –

कॉफी डेट पर जाना, कभी मना कर देना और फिर कभी इग्‍नोर कर देना, ऐसा तीन साल तक चला। फिर युवराज ने फेसबुक का दामन थामा और हैजल को फ्रेंड रिक्‍वेस्‍ट भेज दिया। हालांकि युवराज को यहां कामयाबी मिली लेकिन तीन माह बाद। जी हां हैजल ने युवी की फ्रेंड रिक्‍वेस्‍ट 3 माह बाद एसेप्‍ट की। उसके बाद युवी ने टेस्ट मैच की तरह धीरे-धीरे बातचीत शुरू की और फिर एक दिन ऐसा आया जब ये बातचीत का सिलसिला मुलाकातों में बदल गया।

युवी और सेजल की मुलाकात प्यार में बदलगई –

फेसबुक पर बातचीत का दौर शुरु हुआ तो फिर दोनों का ईश्क परवान चढ़ने लगा। धीरे-धीरे मुलाकतें बढ़ने लगीं। फिर तो हैजल को भी यह बात समझ में आ गई थी कि उन्हें भी yuvaraj पसंद आने लगे हैं। हेजल और युवी ने शादी का फैसला किया और आज दोनों शादी के बंधन में बंध चुके हैं।

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युवराज सिंह के छह छक्के का रिकॉर्ड –

पहली गेंद- युवराज सिंह ने स्‍टुअर्ट ब्रॉड की गेंद को काऊ कॉर्नर के ऊपर से मैदान के बाहर भेज दिया था। गेंद स्‍टेडियम से बाहर चली गई । टीवी रिप्‍ले में छक्‍के की लंबाई 111 मीटर बताई थी। दूसरी गेंद- पैरों पर पड़ी गेंद को युवी ने जबरदस्‍त फ्लिक शॉट के जरिए बैकवर्ड स्‍क्‍वेयर लेग के ऊपर से दर्शकों के बीच भेज दिया। तीसरी गेंद- स्‍टंप्‍स की लाइन पर मिली गेंद को जगह बनाकर एक्‍स्‍ट्रा कवर के ऊपर से रवाना कर दिया।  लगातार तीसरा छक्‍का चौथी गेंद- स्‍टुअर्ट ब्रॉड ने ओवर द विकेट के बजाए राउंड द विकेट गेंदबाजी चुनी।

लेकिन गेंद वाइड फुल टॉस डाल दी जिसे युवराज ने खड़े-खड़े बैकवर्ड पॉइंट के ऊपर से बाउंड्री के बाहर भेज दिया । लगातार 4 छक्‍के लगने के बाद इंग्‍लैंड के खेमे में खलबली मच गई। कप्‍तान पॉल कॉलिंगवुड और स्‍टुअर्ट ब्रॉड ने लंबी मंत्रणा की पांचवीं गेंद- कप्‍तान के साथ बात करने का भी ब्रॉड को कोई फायदा नहीं हुआ।  युवराज ने इस बार एक घुटनो को जमीन पर टेककर गेंद को मिडविकेट के ऊपर से मारा था। 

छठी गेंद पर एक और छक्‍का  6 गेंद में 6 छक्‍के लगने का कमाल टी20 क्रिकेट में पहली बार हुआ।  yuvaraj ने इस बार गेंद को मिड ऑन के ऊपर से 6 रन के लिए भेज दिया। बल्‍ले से जैसे ही गेंद टकराई साफ हो गया था।  यह 6 रन के लिए जा रही है। yuvaraj सिंह टी20 क्रिकेट में लगातार 6 गेंद में 6 छक्‍के लगाने वाले पहले क्रिकेटर बने थे।

Yuvaraj Singh Social Media Profile –

Facebook – https://www.facebook.com/yuvirajsinghofficial

Email Id – Not Available

WhatsApp Number – Not Available

Official Website – Not Available

Twitter – https://twitter.com/YUVSTRONG12

Yuvraj Singh Instagram –

Yuvaraj Singh Lifestyle Video –

Yuvraj Singh Six Sixes –

Yuvraj Interesting Fact –

  • युवराज सिंह 2001 में कोका कोला कप में श्रीलंका के खिलाफ 98 रन की पारी खेलकर फार्म में आये।
  • 2003 में बंगलादेश के खिलाफ युवराज सिंह ने अपना पहला शतक लगाया था ।
  • 2007 के वर्ल्ड कप में बांगलादेश से हारने के बाद टी 20 वर्ल्ड कप में उन्हें उप कप्तान नियुक्त किया गया। 
  • युवराज सिंह कैंसर से संघर्ष करके मैदान में वापसी करके 2007 टी20 वर्ल्ड कप में 6 छक्के लगाए 2011 वर्ल्ड कप में जीत में मुख्य करदार निभाया था। 

युवराज सिंह के प्रश्न –

1 .युवराज सिंह वर्तमान टीम है ?

मुंबई इंडियंस के तरफ से खेलें परंतु 2021 में युवराज सिंह केकेआर से खेलते देख सकते हैं।

2 .युवराज सिंह आयु कितनी है ?

वर्तमान समय में युवराज सिंह आयु 40 साल है। 

3 .युवराज सिंह की वापसी होने वालि ?

नहीं भारत के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह संन्यास ले चुके है। 

4 .युवराज सिंह वाइफ कौन है ?

फिल्म अभिनेत्री हेजल युवराज सिंह की पत्नी है। 

5 .yuvraj singh height कितनी है ?

युवराज सिंह ऊंचाई 1.88 m है। 

6 .युवराज सिंह की आत्मकथा कौन सी है ?

‘द टेस्ट ऑफ माइ लाइफ’ युवराज सिंह की आत्मकथा है। 

7 .युवराज सिंह स्कोर क्या है। 

भारतीय क्रिकेटर युवराज ने 8,701 · ODI ,1,177 · T20 और 1,900 · Test  स्कोर बनाया है।

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Conclusion –

आपको मेरा आर्टिकल युवराज सिंह बायोग्राफी बहुत अच्छी तरह से समज आया होगा।  लेख के जरिये  हमने yuvraj singh mother और yuvraj singh net worth से सबंधीत  सम्पूर्ण जानकारी दी है। अगर आपको अन्य व्यक्ति के जीवन परिचय के बारे में जानना चाहते है। तो कमेंट करके जरूर बता सकते है। हमारे आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ शयेर जरूर करे। जय हिन्द।

2 thoughts on “Yuvraj Singh Biography In Hindi – युवराज सिंह की जीवनी”

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