Sardar Vallabhbhai Patel Biography In Hindi – सरदार वल्लभभाई पटेल जीवनी

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आज के हमारे लेख में आपका स्वागत है। नमस्कार मित्रो आज हम Sardar Vallabhbhai Patel Biography In Hindi बताएँगे। उसमे भारत के लोखंडी और आजाद भारत के प्रणेता पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन परिचय देने वाले है।

Sardar Vallabhbhai Patel Information – भारत के महत्वपूर्ण सामाजिक और राजनीतिक नेताओं में से एक वल्लभभाई झवेरभाई पटेल थे । उन्होंने अपने भारत देश की आजादी के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आज हम sardar sarovar dam ,sardar patel stadium और sardar vallabhbhai patel statue जिनके नाम से बना है। उस महान व्यक्ति से सबंधित माहिती बताएँगे और sardar vallabhbhai patel history से वाकिफ कराएँगे  जिन्होंने अपने बलबूते पर भारत को एक करके दिखाया है।  

सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर, सन् 1875 में उनके मामा के घर नडियाद ने हुआ था । वर्तमान समय में सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति स्थापित की गयी है। तो दूसरी और सरदार पटेल स्टेडियम  बदल के नरेंद्र मोदी ने अपना नाम रख दिया है। क्या इतिहास बदलना या उनका नाम मिटाना गलत नहीं है ? उसमे अपनी राय हमारे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखे। राष्ट्रीय एकता में सरदार पटेल का योगदान बहुत बड़ा है। उन्होंने ही भारत को जोड़ने की मेहनत की थी। तो चलिए आपको ले चलते है। sardar vallabhbhai patel charitra बताने के लिए। 

Sardar Vallabhbhai Patel Biography In Hindi –

 जन्म   31 अक्टूबर 1875 (नडियाद)
 नाम   सरदार वल्लभभाई पटेल
 पिता  झवेरभाई
 माता   लाड बाई
 भाई   सोमभाई पटेल
 नरसिंहभाई पटेल
 विट्ठलभाई पटेल
 बहन  डाहीबा
 पत्नी  झावेर बा
 पुत्र   ड़ाहयाभाई
 पुत्री   मणीबेन
cast  पटेल
 निधन   15 दिसंबर 1950 (बॉम्बे)

सरदार वल्लभभाई पटेल का प्रारंभिक जीवन – 

sardar vallabhbhai patel birthday 31 अक्टूबर, 1875 है। उनका जन्म उनके मामा के गांव (नडियाद)  हुआ था। और उनके पिता का  नाम जवेरभाई था और उनकी माता का नाम लाड़बाई था। जवेरभाई को चार पुत्र और ऐक पुत्री थी चार भाई ओ में  सरदार वल्लभभाई पटेल सबसे छोटे थे और अपने पिताजीके प्यारे पुत्र थे।

सरदार वल्लभभाई पटेल बचपन से ही अपने पिताजी को खेत के काम में बहुत ही मदद करते थे । पूरा दिन खेत में काम करते और फिर श्याम को घर पर पढ़ाई करते थे ।सरदार वल्लभ भाई को बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई में बहुत ही रुचि थी   और तो और उनका पूरा बचपन खेड़ा जिले के करमसद गांव  ने बिता था ।

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Sardar Vallabhbhai Patel के भाई और बहन – 

  • सरदार वल्लभभाई पटेल  तीन  भाई थे :-
  •  सोमभाई पटेल
  •  नरसिंहभाई पटेल
  •  विट्ठलभाई पटेल
  • सरदार वल्लभभाई पटेल  की बहन  :- डाहीबा

पिता जवेरभाई इन चारो पुत्र में से  सरदार वल्लभभाई पटेल सबसे  प्यारे  थे क्यों की सरदार वल्लभभाई पटेल अपने पिता के हर काम मे हाथ  बटा ते थे  और उनकी पढ़ाई लिखाइ  का पूरा खर्च उनके पिता करते थे ।   

सरदार वल्लभभाई पटेल का अभ्यास – 

 सरदार वल्लभभाई पटेल को अपनी स्कूल की  शिक्षा पूरी करने में काफी वक्त लगा करीबन उन्होंने 22 साल की उम्र में 10वीं की परीक्षा पास की थी।  सरदार वल्लभभाई पटेल को अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए  नडियाद के पेटलाद और  बोरसद में भी  जाना पडा  था। ऐसे उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की थी और फिर आगेकी भी पढ़ाई के लिए वो अहमदबाद गए थे । सरदार वल्लभभाई पटेल परिवार की आर्थिक तंगी  की वजह से वे  कॉलेज नहीं गये।  

लेकिन किताबे खरीद कर ज़िलाधिकारी की परीक्षा की तैयारी करने लगे और इस परीक्षा में उन्होंने सर्वाधिक अंक प्राप्त किए और वह परीक्षा में पास हो गए ।  सरदार वल्लभभाई पटेल ने वकालत की पढ़ाई करने के लिए इंग्लैंड गये । लेकिन उनके पास कॉलेज का ज्ञान नहीं था ।  वकालत की पढ़ाई 36 महीने तक करनी होती है । लेकिन सरदार  वल्लभभाई पटेल वकालत  के कोर्स को 30 महीने में ही पूरा कर लिया और फिर वह वकील बन गए ।

सरदार वल्लभभाई पटेल का  विवाह – 

सरदार वल्लभभाई पटेल जब  18 साल के थे तभी उनका विवाह उनके  पिताजी ने पडोस वाले गांव में कर दिया था  उनकी पत्नी का नाम झवेर बा था ।  लेकिंन तब वो  पढ़ना चाहते थे । उनकी शादी के तीन-चार  साल बाद  उनकी पत्नी ने एक पुत्र और एक पुत्री  को जन्म दिया   और उनका  नामकरन किया ।  जिसमे पुत्र का नाम  ड़ाहयाभाई और पुत्री का नाम  मनीबेन  रखा था ।

पहले के ज़माने में  में  एक प्रथा प्रचलित थी की जब तक पति खुद काम करकर पैसा नहीं  कमाता तबतक उसकी पत्नी अपने पिता के वहा  पर ही  रहती हे   और पति को अकेला रहना पड़ता है ।  

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पत्नी  झावेर बा की मुत्यु की खबर मिली –

Sardar Vallabhbhai Patel Information – सरदार वल्लभभाई पटेल की पत्नी झावेर बा  कैंसर से पीड़ित थी ।  उनकी पत्नी को सन, 1909 में मुंबई के एक होस्पिटल में भर्ती किया गया था । म्बई हॉस्पिटल में ऑपरेशन के दौरान सरदार वल्लभभाई पटेल की पत्नी झावेर बा का निधन हो गया । 

सरदार वल्लभभाई पटेल  जब सरकारी अदालत में कार्य वही में व्यस्त थे की तभी  पत्नी झावेर बा के निधन की खबर मिली लेकिन फिर भी उन्होंने अपना काम काज चालू रखा और मुक़दमा जित गये। अदालती कार्यवाही ख़त्म होने के बाद    सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी पत्नी की निधन ही खबर सब को सुना दि ।

सरदार वल्लभभाई पटेल  का राजनैतिक जीवन – 

  •  वल्लभभाई पटेल पहले व्यक्ति थे जो ग्रहमंत्री  बने थे और उन्होंने भारतीय नागरिक सेवाओं आईसीएस का भारतीय करण कर इन्हे भारतीय प्रशासनिक सेवाएं बनवाए थी  ।
  • अहमदाबाद  शहर में     अंतरराष्ट्रीय हवाई मथक का नाम   “सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा” रखा गया है ।
  • सरदार वल्लभ भाई पटेल को  मरणोपरान्त  भारत रत्न  अवार्ड  से संन,  1991 मे सम्मानित किया गया था ।
  •  वल्लभ भाई पटेल  के पुत्र विट्ठलभाई पटेल द्वारा भारत रत्न अवार्ड स्वीकार  किंया  गया था ।
  • सरदार वल्लभ भाई पटेल ने स्वदेशी खादी  धोती कुर्ता और चप्पल अपनाये  तथा विदेशी कपड़ों की होली सन 1920 में  जलाई थी ।       

बारडोली सत्याग्रह – 

बारडोली सत्याग्रह भारतीय संविधान संग्राम के दौरान सन, 1928 में गुजरात में हुआ एक प्रमुख किसान आंदोलन था ।  जिसका नेतृत्व सरदार वल्लभभाई पटेल ने खुद किया था और किसानों को उनका न्याय दिलवाया था। बारडोली सत्याग्रह किसानों के ऊपर लगे हुई  कर्ज को कम करने के  लिए सरदार वल्लभभाई  पटेल ने  बारडोली सत्याग्रह का नेतृत्व संभाला था ।सरकार से अपील कर कर किसानो के  खेतों का कर्ज माफ करवाया था ।

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गांधीजी और नेहरू से मुलाकात –

sardar vallabhbhai patel jayanti  – भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु थे और उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल । लेकिन उन दोनों में  रात दिन का अंतर था । पंडित जवाहरलाल नेहरु और सरदार वल्लभभाई पटेल दोनों बैरिस्टरी की डिग्री प्राप्त की थी । लेकिन  दोनों में सरदार वल्लभभाई पटेल बहुत ही आगे थे । महात्मा गांधी जी ने सरदार वल्लभ भाई पटेल को रियासत के बारे में बताया था कि जहां तक कश्मीर रियासत का प्रश्न है उसे पंडित नेहरू ने स्वयं अपने अधिकार में लिया हुआ था परंतु यह सत्य है। सरदार पटेल कश्मीर में जनमत संग्रह तथा कश्मीर मुद्दों को संयुक्त राष्ट्र संघ में ले जाने पर बहुत  खुश थे ।

सरदार पटेल के विचार और वचन –

  •  हमेशा   दुसरो  की  सहायता  करनी  चाहिए ।
  •  हमें  खुदका  अपमान  सहन करना शिखना  होगा ।  
  •  हमें  अमीर  गरीब  उच्च नीच  के भेद भाव नहीं करना चाहिए ।
  •  मेरी एक ही इच्छा है कि भारत देश एक अच्छा उत्पादक बन रहे और भारत  देश में कोई अन्न के लिए आंसू बहाता हुआ भूखा ना रहे 
  •  आप जो काम प्रेम और शांति  से  करते हो वह काम वैर -भाव से नहीं होता हे ।
  •  अपने आप पर पूरा भरोसा  होना चाहिये ।
  •  “हमारे देश की  मिट्टी में कुछ अनूठा है, जो कई बाधाओं के बावजूद हमेशा महान आत्माओं का निवास रहा है। 
  •  मनुष्य को ठंडा रहना चाहिए ।
  •  अपनी  सोच बड़ी होनी चाहिए ।
  •  इंसान अपने कर्म से बड़ा होता है  धन  से नहीं ।

स्वतंत्रता आंदोलन में भागीदारी –         

भारत की स्वतंत्रता के लिये अंग्रेजों के विरुद्ध आंदोलन   करना वेहत ही जरुरी था और उसके लिए दो प्रकार के आंदोलन हुये थे ।  एक अहिंसक आंदोलन और दूसरा आंदोलन था सशस्त्र क्रान्तिकारी आंदोलन। भारत की आज़ादी के लिए 1857 से 1947 के बीच जितने भी प्रयत्न हुए, उनमें स्वतंत्रता का सपना संजोये क्रान्तिकारियों और शहीदों की उपस्थिति  सबसे अधिक प्रेरणादायी सिद्ध हुई।   

सरदार बल्लभ भाई पटेल ने महात्मा गांधी से प्रेरित होकर स्वतंत्रता  आंदोलन में अपनी भूमिका  निभाई थी  ।  सरदार बल्लभ भाई पटेल ने बारडोली सत्याग्रह में अपनी अहम भूमिका निभाई थी । उनके साथ पंडित जवाहरलाल नेहरू और महात्मा   गांधीजी भी शामिल थे ।

महात्मा गांधीजी ने 22 मार्च, 1918  में खेड़ा सत्याग्रह की घोषणा की थी –       

सरदार बल्लभ भाई पटेल ने खेड़ा सत्याग्रह में अपनी अहम भूमिका  निभाई थी  और उसका नेतृत्व भी उन्होंने खुद संभाला था ।  खेड़ा सत्याग्रह  राष्ट्रपिता  महात्मा गांधी द्वारा  प्रारंभ किया गया था । सरदार बल्लभ भाई पटेल ने खेड़ा सत्याग्रह की शरुआत  किसानो पर लगे हुवे कर्ज को कम करने के लिए  किया गया था और इस सत्याग्रह में बहुत सारे लोगों  ने अपना योगदान दिया था ।  महात्मा गांधीजी,  पंडित जवाहरलाल नहेरु  इन सब ने खेड़ा सत्याग्रह में  अपना योगदान दिया था । 

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 भारत छोड़ो आंदोलन –

sardar vallabhbhai patel essay – भारत छोड़ो आंदोलन’ में सरदार पटेल ने  महात्मा गांधी को  1942 में अपना पूर्ण समर्थन दिया। उन्होंने देशभर में यात्रा की और ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के लिए समर्थन जुटाया और वे अंग्रेज अफसरों द्वारा 1942 में दोबारा से गिरफ्तार कर लिये गये। वह भारत के राजनीतिक एकीकरण  में  सरदार वल्लभ भाई पटेल ने   सन 1947 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान भारतीय सेना के असल सर्वोच्च सेनापति थे ।

भारत छोड़ो आंदोलन  में मुहम्मद अली जिन्ना ने महात्मा गाँधी के सभी विचारों और आंदोलन के प्रस्तावों को मानने से इनकार कर दिया था। और  कहा ‘इनकी खोखलीं धार्मिक बातों को माननें वाली नहीं थे’  और मुसलमानों ने इस आंदोलन का पुरज़ोर समर्थन किया। मुसलमानो ने  इस संस्था और इसके कट्टर समर्थको ने भारत छोड़ो आन्दोलन का खुल कर विरोध किया ।

यह आंदोलन सही मायने में एक जन-आंदोलन था जिसमे लाखों आम हिंदुस्तानी शामिल थे। ‘भारत छोड़ो आंदोलन’  ने युवाओं को बड़ी संख्या में अपनी ओर आकर्षित किया। ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में  सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी  कॉलेज छोड़कर जेल का रास्ता अपनाया।‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के दौरान भारत की कुछ ऐसी भी संगठन थीं  जिन्होंने  ‘भारत छोड़ो आंदोलन’  का पुरज़ोर विरोध किया   

सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन पर  कविता –

          ह पुरुष की ऐसी छवि         

ना देखी, ना सोची कभी

 आवाज में सिंह सी दहाड़ थी

    ह्रदय में कोमलता की पुकार थी

     एकता का स्वरूप जो इसने रचा

       देश का मानचित्र पल भर में बदला

गरीबो का सरदार था वो

दुश्मनों के लिए लोहा था वो

आंधी की तरह बहता गया

ज्वालामुखी सा धधकता गया

बनकर गाँधी का अहिंसा का शस्त्र

महकता गया विश्व में जैसे कोई ब्रह्मास्त्र

इतिहास के गलियारे खोजते हैं जिसे

ऐसे सरदार पटेल अब ना मिलते पुरे विश्व में

सरदार वल्लभ पटेल के नारे – Sardar Vallabh Patel Slogans

  • ( 1 )  हर भारतीय का प्रथम कर्त्यव्य है की वह अपने देश की आजादी का अनुभव करे की उसका देश स्वतंत्र है और हमे इस आजादी की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है ।
  • ( 2 )  मान सम्मान किसी के देने से नही बल्कि अपनी योग्यता के अनुसार ही मिलता है  ।   
  • ( 3 )  जीवन में जितना दुःख भोगना लिखा है उसे तो भोगना ही पड़ेगा तो फिर व्यर्थ में चिंता क्यू करना ?   
  • ( 4 )  आपकी अच्छाई आपके मार्ग में बाधक बन सकती है इसलिए आप अपनी आखो को गुस्से से लाल कर सकते है लेकिन अन्याय  का मजबूत हाथो से सामना करना चाहिए ।

सरदार वल्लभभाईपटेल को लौह पुरुष की उपाधि किसने दी थी सरदार वल्लभभाई पटेल को लौह पुरुष की उपाधि महात्मा गांधी ने दी थी । भारत के राजनीतिक इतिहास में सरदार वल्लभ भाई  पटेल के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। और  तो और  उन्होंने अपने भारत देश को आजाद करवाने के लिए  महात्मा  गांधीजी  और  पंडित जवाहर लाल नेहरू  के  साथ  मिलकर अनेक सत्याग्रह किये थे ।देश के विकास में सरदार वल्लभभाई पटेल के महत्व को सदैव याद रखा जायेगा ।

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स्टैचू ऑफ यूनिटी – Statue of Unity

सरदार वल्लभ भाई पटेल  की 137वी  जन्म जयंती के अवसर पर 31 अक्टूबर, 2013 को  गुजरात के  पूर्व  मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के नर्मदा जिले में सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति का शिलान्यास किया उसका नाम  एकता की मूर्ति स्टेचू ऑफ यूनिटी रखा गया ।  

  • ( 1 )  “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी” की लंबाई 182 मीटर है ।
  • ( 2 )  जहां ताजमहल की सालाना कमाई  56 करोड़ रूपये  है वहीं “स्टैचू ऑफ यूनिटी की” कमाई सालाना 750000000( करोड़ )  है 
  • ( 3 )  “स्टैचू ऑफ यूनिटी” की रख रखाव में हर रोज 1200000  ( लाख )  रुपए खर्च होता है  ।                 
  • ( 4 )  “स्टेचू ऑफ यूनिटी” को बनाने में करीबन 3000 करोड़ रुपये  खर्च हुए ।
  • ( 5 )  “स्टैचू ऑफ यूनिटी” गुजरात के नर्मदा जिले के  केवड़िया  में साधु  आईलैंड पर  स्थित है ।
  • ( 6 )  “स्टैचू ऑफ यूनिटी” बनाने में  करीबन 5 ,700  मेट्रिक टन स्टील का इस्तेमाल किया गया है ।
  • ( 7 )  “स्टैचू ऑफ यूनिटी” को बनाने वाले राम सुतार  नोएडा  थे ।  

सरदार वल्लभभाई पटेल का मृत्यु – Sardar Vallabhbhai Patel Death

15 दिसंबर, 1950 को  सरदार वल्लभभाई पटेल की मृत्यु हो गई और यह “लौह पुरूष” दुनिया को अलविदा कह गये थे । 15 दिसम्बर 1950 को सरदार पटेल का मुबंई में अंतिम संस्कार कर किया गया ।

Sardar Vallabhbhai Patel Biography Video –

Sardar Vallabhbhai Patel Interesting Facts –

  • सरदार पटेल का पूरा नाम Vallabhbhai Jhaverbhai Patel था। 
  • राष्ट्रीय एकता में सरदार पटेल का योगदान बहुत बड़ा यानि महात्मा गाँधी से भी ज्यादा था। 
  • सरदार पटेल भारत के पहले गृह मंत्री और उप-प्रधानमंत्री केव रूप में नियुक्त हुए थे। 
  • राष्ट्रीय एकीकरण में सरदार वल्लभ भाई पटेल का योगदान बताये तो उन्होंने पाकिस्तान में जुड़ने वाले सभी प्रांतो को भारत में जोड़ दिया था। 
  • सरदार पटेल की पत्नी झावेर बा की मौत की खबर सुनते हुए भी उन्होंने अपनी शक्ति का परचा देते हुए। कार्य पूर्ण करके ही गए थे। 

Sardar Vallabhbhai Patel Questions –

1 .saradar vallabh bhai patel ki mrtyu kab hue ?

सरदार वल्लभ भाई पटेल की मृत्यु 15 December 1950 के दिन हुई थी। 

2 .saradar vallabh bhai patel ka janm kaha hua tha ?

सरदार वल्लभ भाई पटेल का जन्म गुजरात के Nadiad में हुआ था। 

3 .saradar patel ko bharat ka bismark kyon kaha jata hai ?

विभिन्न रियासतों में बिखरे भारत के भू-राजनीतिक एकीकरण में मुख्य भूमिका निभाने के लिए सरदार पटेल को भारत का बिस्मार्क कहते है। 

4 .saradar patel ki mahanatam upalabdhi kya rahi ?

562 छोटी-बड़ी राजपूत रियासतों को भारतीय संघ में विलीनीकरण को सरदार पटेल की महानतम उपलब्धि कही जाती है। 

5 .saradar vallabhabhai patel ke pita ka naam ?

सरदार वल्लभभाई पटेल के पिता का नाम झवेरभाई पटेल था। 

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Conclusion –

मेरा आर्टिकल Sardar Vallabhbhai Patel Biography In Hindi बहुत अच्छी तरह से समज आया होगा।  लेख के जरिये  सरदार वल्लभ भाई पटेल का नारा और sardar vallabhbhai patel quotes से सबंधीत  सम्पूर्ण जानकारी दी है। अगर आपको अन्य व्यक्ति के जीवन परिचय के बारे में जानना चाहते है। तो कमेंट करके जरूर बता सकते है। हमारे आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ शयेर जरूर करे। जय हिन्द।

3 thoughts on “Sardar Vallabhbhai Patel Biography In Hindi – सरदार वल्लभभाई पटेल जीवनी”

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